तत्कालीन उद्योग मंत्री हुकुम सिंह के सामने कांग्रेसियों ने गुबार निकाला था और कांग्रेस के झंडों के साथ गांधी टोपियां जलाई गई थीं। तब 2 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ था और 20 लाख रुपये की संपत्ति आगजनी में नष्ट हो गई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री गोविंद वल्लभ पंत ने विधानसभा में कहा था कि हिंसा करने वाले छात्रों पर रियायत नहीं होगी, पर बाद में विपक्षी नेताओं के दबाव के बाद सरकार झुक गई।
यह हुए प्रमुख आंदोलन
- 1959 में कोलकाता में छात्रों के आंदोलन में पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और गोली चलाई।
- 1965 में राजभाषा कानून के विरोध में छात्रों पर पुलिस ने फायरिंग और लाठीचार्ज किया था।
- 1972 में राजस्थान में हाड़ौती विवि की मांग पर कोटा से शुरू हुआ छात्र आंदोलन प्रदेश में फैला।
- 1974-77 बिहार में छात्रों का आंदोलन संपूर्ण क्रांति में तब्दील हुआ और कांग्रेस सरकार को सत्ता से हटाया।
- 1978 में मराठवाड़ा में तत्कालीन मुख्यमंत्री शरद पवार ने छात्रों के आंदोलन को खुद जाकर खत्म कराया।
- 1980 में असम में अवैध घुसपैठ के खिलाफ छात्र आंदोलन सरकारी कार्यालयों की बंदी तक पहुंचा।
- 1985 में मध्य प्रदेश के भोपाल में आरक्षण नीति के विरोध में छात्रों पर आंसू गैस, लाठियां चलाई गईं
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