कासगंज। उद्योग व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा और सांसद राजवीर सिंह को सौंपा। इसमें आयकर अधिनियम में किए संशोधन को हटाने की मांग की गई।
जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र वार्ष्णेय ने कहा कि केंद्र सरकार ने माइक्रो-स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई ) से जुडी़ लघु एवं सूक्ष्म इकाइयों के लिए आयकर अधिनियम 43 बी में संशोधन कर 43-बी(एच) के माध्यम से इकाइयों को अधिकतम 15 दिन के भीतर भुगतान करना अनिवार्य किया गया है। यह व्यवस्था अव्यवहारिक है।
जिला प्रभारी दीपक गुप्ता सर्राफ ने कहा कि (एमएसएमई ) से जुड़ी, जो सूक्ष्म इकाइयां हैं उनको अपने माल के विक्रय करने के लिए बड़ी -बडी़ इकाइयों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है। माल को बेचने के लिए अतिरिक्त सुविधाएं देनी होती हैं। जिसमें समय अवधि के साथ माल वापसी तक का अनुबंध करना पड़ता है। तब व्यापारी उससे माल खरीदता है। व्यापारी को उधार में माल की बिक्री करनी होती है। 15 दिन या अनुबंध की स्थिति में 45 दिन में भुगतान पूर्ण न होने पर शेष देय राशि को वित्तीय वर्ष की आय में जोड़कर गणना करने से व्यापारी पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इस प्रावधान को वापस लिया जाए। इस दौरान जिला महामंत्री प्रदीप गुप्ता, महिला मोर्चा जिला प्रभारी अनीता उपाध्याय, ढोलना इकाई अध्यक्ष डाॅ. बीडी राना,जिलायुवा अध्यक्ष डाॅ. विकास गुप्ता, शहर अध्यक्ष जितेंद्र वार्ष्णेय, जिला महामंत्री डा. फारुख अहमद, सौरभ गुप्ता,किशोर अग्रवाल, अजय डांगरा, राहुल बिड़ला आदि मौजूद रहे।