आर्थिक अपराधी की परिभाषा बदले सरकार
- अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पत्रकारों से वार्ता की
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर सुमंत कुमार गुप्ता ने कहा कि आर्थिक अपराधी की परिभाषा सरकार को बदलनी चाहिए। संसदीय समिति की रिपोर्ट को लागू करना चाहिए। व्यापारी को हथकड़ी नहीं लगानी चाहिए। जेल में व्यापारी को गंभीर अपराध वाले अपराधियों से दूर रखना चाहिए। राष्ट्रीय अध्यक्ष मंगलवार को कचहरी रोड पर सहकारी बैंक के सामने एक पेट्रोल पंप पर पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र के विकास में व्यापारी की अहम भूमिका है। व्यापारी ही सरकार को सबसे ज्यादा राजस्व देता है। देश की अर्थव्यवस्था में घरेलू व्यापार का 70 प्रतिशत योगदान है। ऑनलाइन व्यापार से छोटा व्यापार प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों को विभिन्न संस्थानों में समायोजित किया जाए। व्यापारी आयोग का गठन किया जाए। 65 साल से अधिक आयु के व्यापारियों को पेंशन दी जाए। व्यापारियों के सम्मान के लिए आर्थिक अपराधी शब्द को संशोधित किया जाए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि 14 जनवरी को झींझक में विवाह योग्य युवक युवतियों का परिचय सम्मेलन होगा। इसमें वैश्य समाज के युवक युवतियों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए 30 दिसंबर तक निर्धारित प्रारूप पर आवेदन पत्र जमा किए जाएंगे। सम्मेलन में व्यापारियों के हितों के प्रस्तावों पर चर्चा भी की जाएगी।
इस मौके पर सुरेशचंद्र बंसल बीनू, घनश्याम दास गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, अशोक गुप्ता पप्पू, केके गुप्ता, हर्ष गुप्ता, राजेश गुप्ता मौजूद रहे।