आगरा में मेट्रो चलाने की योजना को प्रदेश सरकार ने हरी झंडी दे दी है। बजट में फिलहाल 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था भी की है, लेकिन अभी तक योजना को भारत सरकार की मंजूरी नहीं मिली है।
स्थिति यह है कि अभी तक योजना नीति आयोग में भी नहीं गई है। नीति आयोग के परीक्षण के बाद ही योजना को मंजूरी मिलेगी।
प्रदेश सरकार ने जनवरी में आगरा मेट्रो परियोजना की डीपीआर को संशोधन के बाद स्वीकृत दे दी थी। इस डीपीआर के मुताबिक शहर में दो कारीडोर बनाए जाएंगे।
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पहला कारीडोर सिकंदरा से फतेहाबाद रोड (होटल ट्राइडेंट) तक और दूसरा कारीडोर आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से कालिंदी विहार तक बनाया जाएगा।
डीपीआर तैयार करने वाली राइट्स संस्था ने मेट्रो के यार्ड भी फाइनल कर दिए हैं। एक यार्ड पीएसी परिसर में बनाया जाएगा और दूसरा छलेसर के पास बनेगा। पिछले दिनों यार्ड बनाने की तैयारी के चलते पीएसी परिसर का निरीक्षण किया था।
अधिकारियों की कहना है कि यहीं से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ योजना का शिलान्यास करेंगे।एक तरफ योजना के शिलान्यास की तैयारी चल रही है।
लगेगा इतना समय
वहीं हैरत की बात यह है कि मेट्रो परियोजना की फाइल अभी तक नीति आयोग में नहीं पहुंची है। स्मार्ट सिटी की समीक्षा करने आए नीति आयोग के निदेशक एके सिंह ने बताया कि अभी तक योजना नहीं मिली है।
नीति आयोग ही योजना का परीक्षण कर वित्तीय स्वीकृति देगा। उन्होंने कहा कि योजना आयोग के पास आएगी तो अधिकतम एक सप्ताह के अंदर योजना पर फैसला कर दिया जाएगा।