फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra News: वरदान मेडिकल एजेंसी में मिली सरकारी दवाएं, सील

विज्ञापन
जांच करती टीम
विज्ञापन
आगरा। औषधि विभाग ने फव्वारा स्थित वरदान मेडिकल एजेंसी पर छापा मारकर दवाओं के रिकाॅर्ड खंगाले। जांच में कई दवाएं बिना बिल के मिली हैं। यहां कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) अस्पताल की सरकारी दवाएं भी बरामद हुई हैं। इनको जब्त करते हुए जांच के लिए दो नमूने लिए हैं। मेडिकल एजेंसी को सीज कर दिया गया है। शुक्रवार को फिर से जांच की जाएगी।
विज्ञापन

सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि मुख्यालय से निर्देश मिला कि वरदान मेडिकल स्टोर संचालक नकली और सरकारी दवाओं की अवैध कारोबार करता है। इस पर औषधि निरीक्षक कपिल शर्मा और मैनपुरी के औषधि निरीक्षक दीपक कुमार ने छापा मारकर दवाओं के रिकॉर्ड खंगाले। मौके पर संचालक अंकुर अग्रवाल मिला। इसमें टीम को ईएसआई हॉस्पिटल की दवाओं से भरे 13 डिब्बे मिले हैं। ये एंटीबायोटिक दवाएं हैं। गिनने पर 1300 टैबलेट पाई गई हैं।
ये दवाएं कहां से मिली, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी। ईएसआई की दवाओं के बैच नंबर से पता किया जाएगा कि किस अस्पताल की हैं। इन दवाओं को जब्त कर लिया है। आयरन इंजेक्शन नकली प्रतीत होने पर इसका नमूना लिया है। एजेंसी को सीज कर दिया है। शुक्रवार को फिर से मेडिकल एजेंसी की जांच की जाएगी।
विज्ञापन



नारकोटिक्स दवाओं के रिकाॅर्ड भी खंगाले
- सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि वरदान मेडिकल एजेंसी में कफ सिरप समेत नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं की कालाबाजारी और नकली होने की भी आशंका है। आठ घंटे की जांच में दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकाॅर्ड खंगाले हैं, कई दवाओं के बिल नहीं मिले हैं। अभी जांच जारी है, शुक्रवार को विस्तृत जांच की जाएगी। अभी तक की कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
-

पूर्व में मिल चुकी हैं सरकारी दवाएं
- औषधि विभाग और पुलिस ने वर्ष 2021 में पंकज अग्रवाल का अंतरराज्यीय गैंग पकड़ा था। ये नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं की तस्करी करता था। कमला नगर निवासी पंकज अग्रवाल के यहां छापे में सरकारी दवाएं भी बरामद हुई थीं। ये मध्यप्रदेश सरकार की थीं। पुलिस ने पंकज अग्रवाल पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें