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UP: मेडिकल स्टोर पर बिक रही सरकारी अस्पताल की दवा...औषधि विभाग की जांच में मिली गड़बड़ी, आठ लाख की दवाएं सीज

Sun, 21 Dec 2025 11:33 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में वरदान मेडिकल एजेंसी पर तीसरे दिन भी औषधि विभाग की जांच जारी रही। इस दाैरान टीम को 23 तरह की दवाओं के बिल नहीं मिले। इन्हें टीम ने सीज कर दिया है।
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मेडिकल एजेंसी पर जांच करती टीम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा में औषधि विभाग ने फव्वारा स्थित वरदान मेडिकल एजेंसी पर तीसरे दिन भी जांच की। इसमें 23 तरह की दवाओं के बिल नहीं मिले हैं। इनको सीज कर दिया है। इनकी कीमत 8 लाख रुपये से अधिक है। 5 दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकार्ड में गड़बड़ी मिली है। इनके बिल तलब किए हैं। 6 और नमूने जांच के लिए हैं।
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सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि फव्वारा स्थित वरदान मेडिकल एजेंसी में नकली और सरकारी दवाओं की कालाबाजारी की आशंका पर औषधि निरीक्षक कपिल शर्मा और दीपक कुमार ने शनिवार को भी दवाओं की खरीद-बिक्री और भंडारण का रिकार्ड खंगाला। इसमें 28 तरह की दवाओं की खरीद-बिक्री में गड़बड़ी मिली है।

इनमें से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, दर्द समेत 23 तरह की दवाओं के बिल नहीं मिले हैं। पांच कार्टन दवाएं जब्त की हैं। इनकी कीमत 8 लाख रुपये से अधिक है। कंप्यूटर में खरीद-बिक्री के रिकार्ड खंगालने पर 5 तरह की दवाओं के स्टॉक में गड़बड़ी मिली है। रिकार्ड से दवाओं के स्टॉक का मिलान नहीं हो रहा था। 
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इनमें अंतर मिलने पर बिल उपलब्ध कराने के लिए नोटिस दिया है। जांच के लिए दर्द, मधुमेह, उच्च रक्तचाप की छह दवाओं के नमूने लिए हैं। बृहस्पतिवार को भी सरकारी दवा और खून बढ़ाने के इंजेक्शन का नमूना लिया था।

ईएसआई अस्पताल की दवाओं की रिपोर्ट भेजी
वरदान मेडिकल एजेंसी पर छापे में कर्मचारी राज्य बीमा अस्पताल (ईएसआई) की एंटीबायोटिक दवाएं मिली थीं। करीब 1300 टैबलेट सीज की गईं थीं। पूछताछ में संचालक अंकुर अग्रवाल ने ये दवाएं ग्वालियर से हॉकर देने की बात कही। इस पर दवाओं के बैच नंबर समेत अन्य जानकारी की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। ईएसआई मुख्यालय भी बैच नंबर समेत अन्य का विवरण भेज रहे हैं। इससे सरकारी दवाओं की चोरी की जांच आगे बढ़ सकेगी।
 
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