आगरा में औषधि विभाग के छापों में सरकारी अस्पतालों की सप्लाई वाली दवाओं और इंजेक्शनों पर नया लेबल लगाकर बेचने का खेल सामने आया है। घर और अवैध गोदामों से लाखों रुपये की दवाएं जब्त की गई हैं, जबकि कई कारोबारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है।
आगरा में सरकारी दवाओं की रीलेबलिंग का खेल घर से संचालित किया जा रहा था। औषधि विभाग की टीम ने पिछले तीन दिन में कई स्थानों पर छापा मारा है और संदिग्ध दवाएं व इंजेक्शन पकड़े हैं। इन दवाओं की कीमत लाखों रुपये है।
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औषधि विभाग की टीम ने ब्राइट फार्मा के संचालक मनीष पंजवानी उर्फ सन्नी के राहुल विहार दयालबाग स्थित आवास पर रविवार को छापा मारा था। यहां बिना लाइसेंस के दवाओं का भंडारण मिला। जांच में घर से ट्रिनबेलिमैब एंटी-डी इम्युनोग्लोबुलिन के इंजेक्शन मिले थे। इनकी सरकारी अस्पतालों में आपूर्ति होती है।
पैकेट और वाइल से नॉट फॉर सेल और गवर्नमेंट सप्लाई को केमिकल से हटाकर नई कीमत का प्रिंट लगाया गया था। टीम ने यहां से गवर्नमेंट सप्लाई लिखे इंजेक्शन बरामद किए। इंसुलिन ग्लार्गिन इंजेक्शन मिला, जिसका तापमान नियंत्रित नहीं किया जा रहा था। इनको जब्त किया गया, इनकी कीमत 5.20 लाख रुपये है।
नवाबिया मार्केट स्थित थोक दुकान से पांच संदिग्ध दवाएं भी मिली हैं। इनके नमूने लिए हैं। सुमित गुप्ता के बोहरे राम मार्केट में अवैध गोदाम पकड़ा। 15 लाख रुपये की सैंपल की दवाएं बरामद की गईं। जांच के लिए 12 नमूने लिए हैं। माहेश्वरी कॉम्प्लेक्स और जैन कॉम्प्लेक्स में सुमित माधवानी के अवैध गोदाम मिले, जिनमें सैंपल की 12 लाख रुपये की दवाएं मिलीं। इसके आठ नमूने भी लिए हैं।
निरस्त लाइसेंस से दवाओं की कालाबाजारी
टीम ने सीएफ एंटरप्राइजेज एवं गौरव मेडिको खिन्नी गली में भी छापा मारा। जांच में पाया कि गौरव मेडिको के गोदाम का लाइसेंस निरस्त हो चुका है। इसके बावजूद अवैध रूप से सीएफ एंटरप्राइजेज का संचालक मोहम्मद शाहिद कुरैशी संचालित कर रहा है। गोदाम से 40 लाख रुपये की दवाएं बरामद हुईं। इनको सीज कर जांच के लिए तीन नमूने लिए गए।
इनके खिलाफ हुई एफआईआर
मई में ज्योति ड्रग हाउस और श्री मेडिकल एजेंसी से करीब 3 करोड़ रुपये की अवैध दवाएं बरामद हुईं। इसमें नारायण दास हसराजानी, किशोर मेहता, पुनीत कटार, सुरेंद्र गुप्ता, मयंक गुप्ता, अन्नू अरोरा और संयम अरोरा के खिलाफ थाना कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अब दयालबाग निवासी ब्राइट फार्मा के मनीष पंजवानी उर्फ सन्नी, सुमित माधवानी और सुमित गुप्ता के खिलाफ भी थाना कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
यहां भी हुई कार्रवाई
पोरवाल मेडकेयर: यहां परक्लिंडामाइसिन का कोल्डचेन में तापमान नियंत्रित नहीं था। 7.63 लाख रुपये का स्टॉक सीज किया गया।
हारे का सहारा एंटरप्राइजेज: दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिली। तीन संदिग्ध दवाएं मिलीं, जांच के लिए नमूना लिया।
सर्वेश्वर फार्मा: दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल में अनियमितताएं पाई गईं। तीन दवाओं के नमूने लेकर बिक्री पर रोक लगाई है।
साईं कृपा डिस्ट्रीब्यूटर: जांच में दो दवाएं संदिग्ध मिलीं। जांच के लिए नमूने लिए हैं।
माधव कृपा एजेंसी: जांच में तीन दवाएं संदिग्ध मिलीं। नमूने जांच को भेजे हैं।
दुर्गा मेडिकोस: तीन दवाएं संदिग्ध मिलीं, जांच के लिए नमूने लिए हैं।