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गोवर्धन पूजन पर इस्कॉन मंदिर में झूमे विदेशी भक्त

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मथुरा। इस्कॉन मंदिर में आयोजित गोवर्धन पूजा में भाग लेते हुए श्रद्धालु। - फोटो : VRINDAVAN
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वृंदावन (मथुरा)। धर्मनगरी में गोवर्धन पूजन का दौर जारी है। सोमवार को भी गिरिराज धरण महाराज का पूजन किया गया। इस्कॉन मंदिर में सूजी के हलवा से विशाल गोवर्धन पर्वत बनाया गया, जिसे मोरपंख, फल और मेवा से सजाया गया। विदेशी भक्तों ने पूजन करते हुए नृत्य किया। मंदिर में बाहरी लोगों को प्रवेश नहीं कराया गया।
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वृंदावन के मंदिरों में गिरिराज धरण के पूजन की परंपरा सोमवार को भी देखी गई। परंपरागत तौरतरीकों से इस्कॉन मंदिर में विशाल गोवर्धन महाराज तैयार किए गए, जिसमें सूजी का उपयोग किया गया था। इसे फूलमालाओं के साथ फल और मेवाओं से सजाया गया था। इसकी भक्तों ने परिक्रमा करते हुए विधिविधान पूर्वक पूजा-अर्चना की। इस दौरान हरिनाम संकीर्तन करते हुए विदेशी भक्त झूमते नजर आए। यहां बड़ी संख्या में मौजूद कृष्ण भक्तों ने गिरिराज महाराज की परिक्रमा करते हुए पूजा की। दोपहर के वक्त आरती की गई।
अफ्रीका से आए भक्त पवित्रदास ने कहा कि इस धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर बहुत अच्छा लगता है। इसकी तैयारियां यहां पिछले कई दिनों से चल रही थीं। यह कृष्ण की ब्रजवासियों पर कृपा को दर्शाता है।
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यूक्रेन निवासी गंधर्बी राधा ने कहा कि बहुत अच्छा लगा है। सभी लोगों ने मिलकर कृष्णजी की पूजा की है। इस्कॉन में विदेशी कृष्ण भक्त सुबह से ही इस कार्यक्रम में जुटे थे। बहुत से लोग इस उत्सव में शामिल हुए हैं।
अमेरिका निवासी लालडी ने कहा कि प्रत्येक साल यह आयोजन यहां मंदिर में होता आ रहा है। इस बार बहुत कम लोग शामिल हुए हैं। सभी ने उत्साहपूर्वक गोवर्धन पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया है।
आचार्य पीठ में सजा छप्पन भोग
सेवाकुंज स्थित आचार्य पीठ में आचार्य मारुति नंदन बागीश महाराज ने श्री गिरिराज जी का पूजन-अर्चन किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिवेश में श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पूजा कराते हुए यही संदेश दिया पर्वत, वृक्ष गाय, यह सब हमारे आदरणीय और वंदनीय हैं। कभी हमें पर्वत का खनन नहीं, वृक्षों को काटना नहीं चाहिए। गोवर्धन पूजा के बहाने भगवान ने पूरे जगत को यह संदेश दिया कि गाय का प्रत्येक मानव जाति को संवर्धन और संरक्षण करना ही चाहिए। इस मौके पर छप्पन भोग अर्पण किए गए।
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