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फर्जी मार्कशीट से पाई नौकरी, पगार एक लाख

Mon, 13 Jun 2016 12:25 AM IST
अमर उजाला आगरा
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अंबेडकर ‌व‌िव‌ि - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूूराो
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 डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग संकाय के नाम से फर्जी मार्कशीट लगाकर जालसाज नामी-गिरामी कंपनी में इंजीनियर बन बैठे हैं। यहां तक कि महीने में एक लाख रुपये तक पगार भी पा रहे हैं। कंपनी की ओर से इनका सत्यापन कराया तो ये सभी फर्जी निकलीं।
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खंदारी कैंपस स्थित इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्निकल में पुणे, नोएडा, हैदराबाद, चैन्नई स्थित नामी-गिरामी कंपनियाें से आधा दर्जन मार्कशीट सत्यापन के लिए भेजी गई हैं। पड़ताल में इन सभी मार्कशीटधारकों का संस्थान में रिकार्ड नहीं मिला। संस्थान निदेशक डा. वीके सारस्वत ने बताया इन युवकों ने यहां से पढ़ाई भी नहीं की है। कंपनी को अवगत करा दिया गया है। कुलसचिव केएन सिंह का कहना है कि विश्वविद्यालय के नाम से कोई गैंग फर्जी मार्कशीट बेच रहा है, इसके लिए एफआईआर कराई जाएगी।
केस स्टडी एक:
अरविंद एस. (रोल नं. 067791) ने इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी में 6052/8000 अंक प्राप्त किए हैं। 2011 में पास आउट किया है। इसकी डिग्री भी है। ये चेन्नई में मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब कर रहा है। इसका सालाना पैकेज 12.50 लाख रुपये है।
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केस स्टडी दो:
अहमद अब्दुल्ला (रोल नं. 0103635446) को बीटेक (इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन) की मार्कशीट में 3720/5000 अंक मिले हैं। डिग्री भी है। ये हैदराबाद में इन्हीं मार्कशीट के जरिये जॉब कर रहा है। सालाना पैकेज सात लाख रुपये बताया गया।

केस स्टडी तीन:
सैयद इम्तियाज अली (रोल नं. 114124) की कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की सन 2010 की मार्कशीट है। 2287/3400 अंक प्राप्त हैं। इसका सत्यापन पुणे स्थित कंपनी ने कराया। सालाना पैकेज भी बेहतर बताया गाया।
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इनकी मिल चुकी है फर्जी मार्कशीट  
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