आगरा में सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए जिले के 208 दुर्घटना संभावित स्थानों का आंकड़ा गूगल के साथ साझा किया गया है। गूगल मैप पर खतरे वाले स्थान से करीब 500 मीटर पहले चालकों को आवाज और दृश्य संकेत से अलर्ट मिलेगा, ताकि वे रफ्तार कम कर सकें।
सड़क हादसों को रोकने के लिए अब तकनीक की मदद ली जाएगी। जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में गठित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क हादसों की रोकथाम और यातायात व्यवस्था के संबंध में कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई। जिले के 208 दुर्घटना संभावित स्थानों का आंकड़ा गूगल के साथ साझा किया गया है। गूगल मानचित्र पर इन स्थानों के करीब पहुंचने पर चालकों को करीब 500 मीटर पहले चेतावनी मिल सकेगी। आवाज और दृश्य संकेत के जरिये चालक को सतर्क किया जाएगा ताकि वे वाहन की गति कम कर सकें।
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बैठक में जाम कम करने के लिए चलाए जा रहे अभियान की भी समीक्षा हुई। आगरा के आठ प्रमुख मार्गों पर यातायात और जाम का अध्ययन किया गया। गूगल से मिले यातायात आंकड़ों के आधार पर पुलिसकर्मियों की तैनाती और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इससे जाम में 37.1 फीसदी कमी दर्ज की गई।
44 से घटकर 33 हुए ब्लैक स्पॉट
एआरटीओ आलोक कुमार अग्रवाल ने बताया कि जिले में 44 खतरनाक दुर्घटना स्थल और 208 गंभीर दुर्घटना संभावित स्थान चिह्नित किए गए थे। सुधारात्मक कार्रवाई के बाद खतरनाक स्थानों की संख्या 44 से घटकर 33 रह गई है।
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सात महीने में हादसे 15.4 फीसदी घटे
जनवरी से जुलाई 2025 की तुलना में जनवरी से जुलाई 2026 में सड़क हादसे 865 से घटकर 732 रह गए। हादसों में 15.4 फीसदी कमी आई। मृतकों की संख्या 459 से घटकर 430 और घायलों की संख्या 771 से घटकर 617 हो गई।
खराब सड़कें 15 दिन में होंगी ठीक
बैठक में लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नगर निगम की सड़कों की स्थिति की समीक्षा की गई। डीएम ने निरीक्षण में चिह्नित पांच खराब सड़कों को 15 दिन में ठीक कराने के निर्देश दिए। जिम्मेदार संस्था का नाम सड़क की शुरुआत में प्रदर्शित करने को भी कहा गया।
50 से अधिक चालान वाले वाहन होंगे काली सूची में
बैठक में हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने पर चर्चा हुई। लंबित चालानों की वसूली के लिए संयुक्त कार्ययोजना बनाने और 50 से अधिक चालान वाले वाहनों को काली सूची में डालने के निर्देश दिए गए। आईटीएमएस के मामलों में परिवहन विभाग को फोटो उपलब्ध कराने को कहा गया।