आगरा। अलविदा शिल्पग्राम... शुक्रवार को 46 साल तक लैंडमार्क बने रहे शिल्पग्राम की आखिरी ईंट भी ढहा दी गई। ताजमहल पूर्वी गेट से 800 मीटर दूर ताज महोत्सव के लिए मशहूर हुए शिल्पग्राम का अस्तित्व खत्म हो गया। लाल रंग की इमारत के प्रवेश द्वार को भी ध्वस्त कर दिया गया, जिससे उठा धूल का गुबार देर तक नजर आया। इसकी जगह दिसंबर तक यूनिटी मॉल तैयार हो जाएगा। इसमें टिकट काउंटर के साथ मल्टीप्लेक्स और तीन मंजिला भवन में 127 दुकानें भी बनाई जा रही हैं।
शिल्पग्राम का इस्तेमाल ताज महोत्सव के आयोजन के लिए किया गया था, जिसने इसे पहचान दी। इसके बाद इसे ताजमहल के पर्यटकों के लिए फैसिलिटी सेंटर और पार्किंग के रूप में तैयार किया गया। उद्योग विभाग ने उत्तर प्रदेश पर्यटन निगम से इसे वापस लिया और अब यहां यूनिटी मॉल बनाया जा रहा है। मुक्ताकाशीय मंच और सीपीडब्ल्यूडी की ओर से तैयार की गई लाल पत्थर की दुकानों को तोड़कर भवन बनाया जा रहा है। मुख्य प्रवेश द्वार और चार्जिंग सेंटर के पास की इमारत भी तोड़ दी गई है।
यूनिटी मॉल बनेगा लैंडमार्क
उद्योग विभाग शिल्पग्राम की जमीन पर यूनिटी मॉल का निर्माण करा रहा है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत आगरा का पेठा, मार्बल इनले वर्क, चमड़े के उत्पाद यहां एक ही छत के नीचे नजर आएंगे। संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार ने बताया कि दिसंबर तक यह पूरा बनकर तैयार हो जाएगा। तेजी से काम कराया जा रहा है। यह मॉल तीन मंजिला होगा, जिसमें भूतल पर 36 दुकानें और टिकट काउंटर होगा, जबकि पहली और दूसरी मंजिल पर 39-39 और तीसरी मंजिल पर 13 दुकानें होंगी। तीसरी मंजिल पर ही मल्टीप्लेक्स और फूड जोन होगा, जहां आठ दुकानें होंगी। हर तल पर टॉयलेट होंगे।
46 साल पहले 11.47 एकड़ में बनाया गया था शिल्पग्राम
46 साल तक ताज का लैंडमार्क रहे शिल्पग्राम के लिए वर्ष 1977 में ताजमहल से 800 मीटर दूर जालमा इंस्टीट्यूट के सामने 11.47 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था। 20 जुलाई 1980 को शिल्पग्राम का निर्माण किया गया। औद्योगिक विकास निगम ने तब इस पर 60 लाख रुपये खर्च किए थे। यहां हस्तकला औद्योगिक आस्थान शुरू करना था, जिसे शिल्पग्राम का नाम दिया गया। यहां हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देने के लिए 58 शेड और डिस्प्ले बनाए गए। 300 सीटों की क्षमता का ऑडिटोरियम और एक कैंटीन का निर्माण किया गया था।