आगरा में खरीफ की फसल की बुवाई के लिए किसानों को उर्वरक की किल्लत नहीं होगी। कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जनपद को जरूरत से करीब डेढ़ गुना अधिक डीएपी मिला है। इन्हें सहकारी समितियों के जरिये बिक्री के लिए भेजा जा रहा है।
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जिला कृषि अधिकारी विनोद सिंह ने बताया कि 2024-25 में करीब 2 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसल की बुवाई होगी। इसमें सरसों और गेहूं की फसल प्रमुख है। सरसों की करीब एक लाख हेक्टेयर में बुवाई होगी। वहीं अक्तूबर में करीब 80 हजार हेक्टेयर भूमि पर आलू की खेती होती है। अन्य फसलें भी होती हैं।
उन्होंने बताया कि आगरा को इसके लिए 31878 मीट्रिक टन डीएपी की जरूरत पड़ती है, 47051 मीट्रिक टन की उपलब्धता है। फास्फोरस 25210 मीट्रिक टन की जरूरत है और भंडारण 27150 मीट्रिक टन है। पोटाश भी 2570 मीट्रिक टन के मुकाबले 8090 मीट्रिक टन है। यदि किसी को खाद की किल्लत हो रही है तो वह 7302640291 पर जानकारी कर सकता है। कालाबाजारी या अधिक दाम लेने की शिकायत पर एफआईआर भी कराई जाएगी।