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ये स्थिति डरावनी है, समलैंगिक संबंधों से 47 को मिला एचआइवी

Fri, 12 Oct 2018 11:07 AM IST
धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला, आगरा
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एचआईवी
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आपसी सहमति से बने समलैंगिक संबंध अपराध भले ही न हो, लेकिन ये बीमारी बांट रहे हैं। स्थिति डराने वाली है। आगरा में समलैंगिक संबंधों के चलते 47 लोग एचआईवी संक्रमित हो गए हैं। इनका इलाज एसएन मेडिकल कालेज के एआरटी (एंटी रेट्रो वायरल ट्रीटमेंट) सेंटर में चल रहा है।

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एसएन कालेज के एआरटी सेंटर में एचआईवी के पंजीकृत 8935 में से 4017 मरीज इलाज ले रहे हैं। इनमें असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त-सुई के इस्तेमाल से ज्यादा मरीज रहते हैं। अब बदलते माहौल में समलैंगिक संबंध बनाने से एचआईवी मरीज बढ़ रहे हैं। 

बीते दो साल में ऐसे 47 मरीज आए, जबकि पिछले महीने ही छह नए मरीज सामने आए हैं। अधिकांश की उम्र 20 से 40 साल है। एआरटी सेंटर प्रभारी डॉ. जितेंद्र दौनेरिया ने बताया कि समलैंगिक संबंधों से एचआईवी का खतरा अधिक रहता है। नए मरीजों में अधिकांश युवा और कामकाजी लोग हैं। 
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समलैंगिक संबंध बनाने से एचआईवी के मरीज बनने वाले लोगों में से 90 फीसदी घर से बाहर और अकेले रहते हैं। ये कामकाजी हैं और इनकी सोच बिंदास है। चिकित्सक मानते हैं कि नए मरीज बीमारी के प्रति जागरूक हैं, लेकिन ऐसे मरीजों की संख्या अधिक हो सकती है, जो अपनी बीमारी को झिझक के चलते छिपाए हुए हैं।

लिम्बिक सिस्टम से होते समलैंगिक

मानसिक रोग विशेषज्ञ समलैंगिक को मानसिक विकार नहीं, जन्मजात मानते हैं। मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय डॉ. दिनेश राठौर बताते हैं कि लिम्बिक सिस्टम भावनाओं, संबंधों के आकर्षण को नियंत्रण करने वाला मस्तिष्क का एक भाग होता है। 

कुछ में लिम्बिक सिस्टम विपरीत लिंग की संरचना की तरह मस्तिष्क विकसित होता है। इसके चलते समलैंगिक के प्रति आकर्षण पैदा होता है। उसी की तरह गतिविधि, हावभाव रहते हैं। काउंसलिंग और इलाज से ठीक नहीं होते, ताउम्र रहते हैं।

दो साल में बीमारी की वजह

370 : वजह पता नहीं (मरीज ने छिपाई)
189 : सेक्स वर्करों से
189 : संक्रमित मां से गर्भस्थ शिशु को
166 : असुरक्षित यौन संबंध
162 : संक्रमित रक्त चढ़ाने
140 : संक्रमित इंजेक्शन से
61 : संक्रमित इंजेक्शन से नशाखोरी
47 : समलैंगिक संबंध बनाने से 
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ये है मरीजों का आंकड़ा

8935: मरीज कुल पंजीकृत हैं एसएन में
4017: मरीजों का चल रहा है इलाज
2106: पुरुष मरीज हैं एचआईवी
1584: महिला मरीज हैं एचआईवी
186: बच्चे हैं एचआइवी
98: बच्चियां हैं एचआईवी
05: मंगलामुखी हैं एचआईवी
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