गोल्डन बाबा के अनुयायियों ने लहराए हथियार
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बाह के बड़ागांव में एक कथा समारोह में शामिल होने पहुंचे गोल्डन बाबा के अनुयायियों ने जमकर हथियारों का प्रदर्शन किया। शरीर पर साढे़ बारह किलो वजनी सोने के आभूषण पहने गोल्डन बाबा का कहना था कि अतीत में जो भी अपराध हुए हैं उनके प्रायश्चित के लिए उन्होंने त्याग का रास्ता चुना है। गांधीनगर, हरिद्वार और बरेली में उन्होंने शिव मंदिर और आश्रम बनवाए हैं। दिल्ली के गांधीनगर मेें उनका कपडे़ का बड़ा कारोबार है।
बंदूकधारियों से घिरे गोल्डन बाबा ने बताया कि वर्ष 2012 के इलाहाबाद कुंभ में महंत मुछंदरपुरी ने उन्हें यह नाम दिया था। इससे पहले उनका नाम सुधीर उर्फ बिट्टू भगत था। भूकंप त्रासदी के दौरान 11 किलो सोना दान करने वाले बाबा ने बताया कि उत्तराखंड सरकार से उन्हें दो सुरक्षागार्ड मिले हैं। निजी बाउंसर भी सुरक्षा घेरे में शामिल है। गतन वाले हनुमान मंदिर पर जाते समय चंबल के बीहड़ में डरने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सुरक्षा है तो डरने की कोई बात नहीं थी। भक्त धर्मेंद्र सिंह के यहां सितंबर में होने वाले राम परिवार की प्रतिष्ठा समारोह में वे जरूर जाएंगे। बाह के बड़ागांव में प्रधान प्रहलाद सिंह गुर्जर के घर भागवत कथा का शुभारंभ करने के बाद सोमवार को हरिद्वार के दशहरा उत्सव में शामिल होने के लिए रवाना समय गोल्डन बाबा ने बताया कि उन्होंने जो स्वर्ण आभूषण पहने हैं वे लक्ष्मी, सरस्वती, दुर्गा, हनुमान आदि देवों के प्रतीक हैं। उनके भक्त धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि आभूषणों के कारण चार महीने पहले उनके गले का आपरेशन हुआ था। तब से उन्होंने आभूषणों का वजन कम कर दिया है।