सिकंदरा के एक बड़े अपार्टमेंट में रहने वाले पांच रईसों के बच्चे अपने ही घरों से गहने और नगदी चोरी कर रहे थे। इनसे चोरियां पास की एक कॉलोनी के छह बच्चों का गिरोह करा रहा था।
यह गिरोह अपार्टमेंट के बच्चों को हुक्का बार ले जाता, फोटो खींचता, फिर ब्लैकमेल करता। कहता, चोरी नहीं की तो फोटो मम्मी-पापा को दिखा देंगे। पुलिस इन सभी बच्चों से पूछताछ कर रही है। खुलासे से इनके परिजन सकते में हैं।
इसका खुलासा नेवी के रिटायर्ड इंजीनियर के घर 32 तोले सोने की चोरी से हुआ। इंजीनियर परिवार सहित 13 जून को गोवा गए थे। घर पर एक बच्चे को छोड़ गए थे। जाते हुए यह नहीं बताया था कि कब लौटेंगे। बच्चे ने समझा कि आठ-दस दिन में आएंगे लेकिन वह 16 जून को ही लौट आए।
उन्होंने बताया कि जब वे लौटे तो घर पर सामान बिखरा था, बीयर की बोतलें पड़ीं थी, रेस्तरां के खाने के पैकिंग के डब्बे पड़े थे, अलमारी से 32 तोले सोना गायब था।
उन्होंने बच्चे से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि छह बच्चों का गिरोह है जो रईसों के बच्चों से उनके घर में चोरी कराता है। इसके बाद उन बच्चों का पता चला जो घरों में चोरी कर रहे थे। एक और फ्लैट में पांच लाख की चोरी का पता चला।
रिटायर्ड ऑफिसर ने सिकंदरा थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने चोरी कराने और करने वाले बच्चों को थाने बुलाकर पूछताछ की तो पूरा राज खुल गया।
कॉलोनी वाले बच्चों का गिरोह पहले से बिगड़ैल है, हुक्का बार में जाता है, सिगरेट, बीयर पीता है। ये बच्चे अपार्टमेंट वाले बच्चों को एक-एक जाल में फंसाते, उन्हें मौजमस्ती कराने का लालच देकर हुक्का बार में ले जाते, वहां उनके सिगरेट, नशे वाला हुक्का पीते समय फोटो खींच लेते।
इसके बाद गैंग लीडर कहता, मुझ पर कर्ज है, ब्याज देना है, घर से कोई जेवर चोरी करके लाओ। अपार्टमेंट वाले बच्चों ने बताया कि वे दो महीनों से घरों में चोरी कर रहे थे।
कभी पापा की जेब से रुपये चुराते, कभी मम्मी का कोई गहना। कॉलोनी वाला गिरोह जेवरात को केके नगर में रहने वाले एक व्यक्ति को बेचता था।
अनुज कुमार, प्रभारी निरीक्षक, सिकंदरा थाना का कहना है कि अपार्टमेंट के एक फ्लैट में चोरी का केस दर्ज हुआ है। पता चला है कि अपार्टमेंट और आसपास के रहने वाले बच्चे ही चोरी कर रहे थे, उनसे पूछताछ की जा रही है।