समाजसेवा अगर निस्वार्थ भाव से की जाए तो मानवता का कर्तव्य सही मायनों में निभाया जा सकता है। गोवर्धन में समाजसेवियों द्वारा शुरू की गई अनूठी सेवा की मुहिम अब रंग ला रही है। धीरे-धीरे की गई छोटी शुरुआत ने अब बड़ा रूप ले लिया है।
राधाकुंड परिक्रमा मार्ग गांव हरीपुरा के निकट मोक्ष धाम (श्मशान) स्थली पर समाजसेवी गौतम खंडेलवाल ने अपने अथक परिश्रम से गाय के गोबर से गोकाष्ठ तैयार कर रहे हैं। इसका इस्तेमाल अंतिम संस्कार के लिए किया जाता है। गोकष्ठ का पर्यावरण के अनुकूल है।
समाजसेवी गौतम खंडेलवाल ने पंजाब से गाय के गोबर से गोकष्ठ बनाने की मशीन लेकर आए थे। गोवर्धन में मोक्ष स्थली पर अंतिम संस्कार के लिए गोकाष्ठ बनाने में गाय का गोबर, कपूर, हवन सामग्री, नवग्रह की समिधा, जल का उपयोग किया जाता है।