आगरा। मौसम में सर्दी बढ़ने का असर मंदिरों में भी दिखने लगा है। देवी-देवताओं की पोशाक, भोग और आरती के समय में बदलाव किया गया है। मंदिरों में भगवान को ऊनी वस्त्र पहनाए जा रहे हैं। रात में रजाई ओढ़ाई जा रही है।
श्रीनाथ जी मंदिर हलवाई की बगीची के महंत मुकेश गोस्वामी ने बताया कि देव उठनी एकादशी से ठाकुरजी के पहनावे और भोग बदल दिए गए हैं। भगवान को शाम के शृंगार के उपरांत रजाई ओढ़ाई जा रही है। केसर का गर्म दूध, बाजरे की रोटी, गुड़ के अलावा गर्म पदार्थों का भोग अर्पित किया जा रहा है।
सुबह 8:30 बजे आरती, बालरूप की आरती 11:30 बजे और शयन आरती 6:30 बजे की जा रही है। ठाकुर जी का पसंदीदा इत्र काला भूत, कस्तूरी और अंबर इत्र लगाया जा रहा है। सुबह 10 से 11:15 बजे के मध्य ठाकुरजी शृंगार किया जाता है।
श्रीसाईंनाथ मंदिर हलवाई की बगीची के पुजारी सनत कुमार त्रिपाठी ने बताया कि दिवाली के बाद प्रथम बृहस्पतिवार से साईं बाबा के पहनावे और भोग बदल गए। बाबा को गर्म शॉल पहनाई जा रही है और गर्म पदार्थों का भोग अर्पित किया जा रहा है। सुबह कांकड़ आरती 6 बजे, संध्या आरती 6 बजे और शयन आरती रात 9 बजे होती है।
श्रीराधा-कृष्ण मंदिर विजय नगर कॉलोनी के पंडित आचार्य सदाशिव पांडे ने बताया कि शरद पूर्णिमा से बसंत पंचमी तक भगवान की पोशाक और भोग में बदलाव किया जाता है। भगवान को शीतलहर से बचाने के लिए गर्म शॉल ओढ़ाई जा रही है। सुबह चना, मक्का की रोटी, बाजरा शाम को मिष्ठान के साथ गर्म दूध का भोग लगाया जा रहा है। मंगला आरती सुबह 6:30 बजे, शृंगार आरती 8:30 बजे, संध्या आरती 7 बजे और शयन आरती रात 9 बजे की जा रही है। दिसंबर में सर्दी बढ़ने पर हीटर की व्यवस्था की जाएगी।