वृंदावन (मथुरा)। दक्षिण भारतीय शैली के विशालतम श्री रंगनाथ मंदिर में इन दिनों श्री गोदारंगमन्नार भगवान के विवाहोत्सव की धूम मची हुई है। मंदिर परिसर वैदिक वैवाहिक मंत्रोच्चारण से गूंज रहा है। महोत्सव के चौथे दिन लौकिक परंपरानुसार भात की रस्म निभाई गई। मंगलवार को वैदिक रीतिरिवाज से विवाह संपन्न होगा।
उत्तर भारत में दक्षिण भारतीय शैली के एकमात्र विशालतम श्री रंग मंदिर अपनी अनूठी परंपराओं के लिए श्रद्धालुओं में खासा विख्यात है। मंदिर में श्री रामानुज संप्रदाय द्वारा प्रतिस्थापित विधियों का श्रद्धापूर्वक निर्वहन किया जाता है। पोष माह में धानुरमास उत्सव के अंतिम चरण में पंचदिवसिया विवाहोत्सव का आयोजन लौकिक परंपरानुसार किया जाता है। प्रतिदिन श्री गोदाम्मा जी का विधिवत शृंगार कर विविध प्रकार के व्यंजन निवेदित किए जाते हैं। महोत्सव के चतुर्थ दिवस परंपरागत रूप से मंदिर के संस्थापक बैकुुंठवासी संत श्री रंगदेशिक महाराज द्वारा प्रतीकात्मक रूप से श्री गोदाम्बा जी का भात की रस्म निभाई गई। मंदिर के श्री महंत बालकस्वामी जी महाराज के निर्देशन में दक्षिण भारतीय आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य रीतिरिवाजों का निर्वहन कराया गया। महाराजश्री के निज आवास से गायन वादन के साथ मंदिर परिसर में विराजमान श्री गोदाम्बा जी को शृंगार, रेशमी वस्त्र आदि निवेदित किए गए।