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Health : बच्चों में दिखें ये लक्षण तो बिल्कुल न करें नजरअंदाज, ऐसे करें बीमारी से बचाव

Tue, 19 Jul 2022 07:08 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

एसएन मेडिकल कॉलेज में रोजाना 160 से अधिक बच्चे ओपीडी में आ रहे हैं। इनमें से आठ से 12 बच्चों को रोजाना भर्ती भी करना पड़ रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बच्चों के पेट में दर्द, उल्टी-दस्त। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की ओपीडी में औसतन 65 फीसदी बच्चों में ये परेशानी मिल रही है। इनको दवा देने के साथ ही चिकित्सक उबालकर पानी पिलाने की सीख दे रहे हैं।

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एसएन मेडिकल कॉलेज में रोजाना 160 से अधिक बच्चे ओपीडी में आ रहे हैं। पीलिया, टायफायड के भी 15 से 20 बच्चों में शिकायत मिली। इनमें से आठ से 12 बच्चों को रोजाना भर्ती भी करना पड़ रहा है। बच्चों में बीमारी की वजह खुले में बिकने वाले फास्ट फूड समेत अन्य खाद्य सामग्री खाने, दूषित भोजन, दूषित बोतल से दूध पिलाना, गंदगी और खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्री हैं। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में दूषित पानी पीने से ये दिक्कत मिली है। 

ये हैं लक्षण: 

  • उल्टी-दस्त, पेट में दर्द। 
  • बुखार, सिर में दर्द। 
  • कमजोरी और शरीर पीला पड़ना। 
  • भूख न लगना, वजन कम होना। 
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ये करें बचाव:

  • पानी को उबालकर बच्चों को पिलाएं। 
  • बोतल से दूध पिलाना बंद करें।
  • चम्मच-कटोरी से दूध पिलाएं। 
  • बच्चों को खिलाने से पहले हाथों को साफ करें। 
  • बासी और बाजार में खुले में बिकने वाली सामग्री से बचाएं। 

दूषित भोजन के सेवन से बचें

एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज यादव ने कहा कि दूषित पानी और भोजन के कारण बच्चों को उल्टी-दस्त हो रहे है। पीलिया की परेशानी दूषित पानी पीने से मिल रही है। इनमें घनी आबादी वाले क्षेत्रों के बच्चे अधिक हैं। दस्त होने पर ओआरएस का घोल पिलाने के साथ ही बच्चों को पौष्टिक भोजन खिलाने के लिए जोर दे रहे हैं। 
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