बढ़ते महिला अपराध ने आगरा को सीएम डैशबोर्ड की सूची में अंतिम पायदान पर पहुंचा दिया है। यहां पिछले दिनों में होटलों से लेकर चलती कार में युवतियों से दुष्कर्म की वारदातें सामने आईं। इतना ही नहीं छेड़खानी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं।
आगरा कमिश्नरेट में पुलिसिंग में सुधार की कवायदें सिरे नहीं चढ़ पा रही हैं। अक्तूबर में आगरा कमिश्नरेट तेजी से बढ़ते महिला अपराध, आम जनता के बीच पुलिस की नकारात्मक छवि के कारण अंतिम पायदान पर पहुंच गया। फरियादियों की समस्याओं का निस्तारण थाने, चौकियों से नहीं हो पा रहा है। पुलिस आयुक्त की मॉनीटरिंग के बाद भी हालात में सुधार नहीं हो सका है।
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सीएम डैश बोर्ड पर अक्तूबर माह में कानून व्यवस्था की रैकिंग में फिरोजाबाद जैसे जिले की रैकिंग 16वीं रही है, जबकि आगरा में कमिश्नरेट पुलिस प्रणाली लागू है। प्रदेश के बड़े जिलों में कानून व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार ने 26 नवंबर 2022 को आगरा में कमिश्नरेट प्रणाली लागू की थी। इसमें मॉनीटरिंग के लिए आईपीएस और पीपीएस अफसरों की संख्या बढ़ाई गई। लेकिन पहले कमिश्नर डॉ. प्रीतिंदर सिंह के कार्यकाल में ही बोदला जमीन प्रकरण हुआ। इसमें थाना जगदीशपुरा के तत्कालीन इंस्पेक्टर ने ही जमीन पर कब्जा करा दिया। छह लोगों को फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर जेल भेजा था।
पुलिस की बड़ी किरकिरी हुई। इंस्पेक्टर को जेल जाना पड़ा। यह प्रकरण मुख्यमंत्री तक पहुंचा तो तत्कालीन कमिश्नर का तबादला हो गया। इसके बाद पुलिस आयुक्त जे रविन्दर गौड दूसरे आयुक्त हैं। लेकिन कानून व्यवस्था से लेकर पुलिस पर भष्ट्राचार के मामले कम नहीं हो सके हैं। पुलिस कमिश्नर कर्मियों के व्यवहार में सुधार के लिए कार्यशालाएं करवा रहे हैं। भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए उन्होंने पासपोर्ट सहित अन्य वेरीफिकेशन में रिश्वत मांगने वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित करके उनके विरुद्ध कार्रवाई की है। इसके बाद भी कानून व्यवस्था में बहुत सुधार नहीं हो सका है। इसी का नतीजा रहा कि आगरा कमिश्नरेट प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गया।
फीड़िंग में सुस्ती से रैकिंग गिरी है
पुलिस आयुक्त जे रविन्दर गौड़ ने बताया कि फीडिंग में सुस्ती के कारण रैंकिंग में गिरावट आई है। वस्तुस्थिति ऐसी नहीं है। कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है। रैकिंग के सुधार के लिए फीडिंग को बेहतर बनाएंगे।
2024 (31 अक्तूबर तक) महिला संबंधी अपराध
दुष्कर्म - 58
शीलभंग- 310
दहेज हत्या-47
लूट - 35
हत्या-50
अपहरण- 185 (इसमें किशोरियों के अपहरण भी शामिल)
डकैती-1
वाहन चोरी- 724
गृह भेदन - 209
अन्य चोरियां- 469