गुजरात के बलसाड में आठ साल के भांजे के अपहरण के बाद रिश्ते का मामा आगरा में छिपा था। गुजरात पुलिस की सूचना पर एसटीएफ ने उसे जगदीशपुरा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि उसने प्रेमिका के ब्लैकमेल कर 30 लाख रुपये की मांग करने पर अपने दो साथियों के साथ अपहरण किया था। पुलिस पूर्व में साथियों को जेल भेज चुकी है। शुक्रवार को वहां की पुलिस टीम उसे कोर्ट में पेश करने के बाद अपने साथ ले गई।
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गुजरात के बलसाड स्थित कस्बा वापी निवासी आदिल शेख सऊदी अरब में काम करते हैं। 23 दिसंबर को उनका परिवार एक शादी समारोह में आया था। रात में उनके आठ साल के बेटे आफाक का अपहरण कर लिया गया। अपहर्ताओं ने बालक का गला दबाया था। इससे वो बेहोश हो गया। उसे मरा समझकर उसे नदी किनारे झाड़ियों में फेंककर भाग गए थे। बालक के पास मोबाइल भी था। कुछ देर बाद उसे होश आया। उधर, मोबाइल की लोकेशन से उसे तलाशने में पुलिस सफल रही।
आफाक ने पुलिस को बताया कि अपहरण रिश्ते के मामा शाहबाज ने किया था। शाहबाज चूना भट्टी, कुर्ला (मुंबई) में रहता है। एक कंपनी में रिसर्च डेटा एनालिस्ट है। पुलिस ने जांच की। सामने आया कि घटना में शाहबाज के साथी उमेर और साऊद भी शामिल दोनों को पकड़ा लिया। गुजरात पुलिस को सूचना मिली कि शाहबाज आगरा में छिपा है।
बृहस्पतिवार को गुजरात पुलिस ने यूपी एसटीएफ से संपर्क किया। एसटीएफ के इंस्पेक्टर यतेंद्र शर्मा और इंस्पेक्टर हुकुम सिंह ने शुक्रवार को शाहबाज को जगदीशपुरा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
अपहर्ता बोला-प्रेमिका कर रही थी ब्लैकमेल
एसटीएफ की पूछताछ में शाहबाज ने बताया कि ऑफिस में काम करने वाली युवती से प्रेम संबंध हैं। प्रेमिका ने उसके साथ अश्लील फोटो खींचे थे। वह काफी समय से 30 लाख रुपये की मांग कर रही है। मगर, उसके पास रकम नहीं है। फोटो दिखाकर वो ब्लैकमेल कर रही है। दुष्कर्म में जेल भिजवाने की धमकी देती है। वह रिश्तेदार की शादी में आया था। उसे पता था कि आफाक के पिता विदेश में इंजीनियर है। इसलिए अपने साथियों के साथ उसके अपहरण की योजना बनाई। अपने रिश्तेदार की कार बहाने से ली।
साइकिल दिलाने के बहाने आफाक को कार में बैठाया
आरोपी ने आफाक को साइकिल दिलाने के बहाने कार में बैठाया। रास्ते में गला और मुंह दबा दिया, जिससे वह अचेत हो गया। उसे लगा कि मर गया है। कस्बा से 12 किलोमीटर दूर नदी के किनारे ले गए। आफाक के पास नानी का मोबाइल था, जिसे शाहबाज ने स्विच-ऑफ कर दिया। उसे वहां पर पटककर आ गया। घरवालों के साथ तलाश में मदद करने लगा। मगर, पुलिस ने मोबाइल की अंतिम लोकेशन से बालक खोज निकाला। यह देखकर शाहबाज एक ट्रेन में बैठ गया। मथुरा आने पर उतर गया। बाद में आगरा आ गया। बृहस्पतिवार को मुंबई भागने की तैयारी कर रहा था। उसने दोनों दोस्तों को साजिश में शामिल होने के लिए पांच-पांच लाख रुपये का लालच दिया था। फिरौती मांगने के लिए फर्जी आईडी पर 3 सिमकार्ड भी खरीदे थे।