रवि ने जवाब दिया तो गूगल पे का नंबर मांगा। कुछ देर बाद गूगल पे का मैसेज आया। इसमें लिखा था कि ईमेल पर देखिए। जब रवि ने ईमेल खोला तो उस पर एक लिंक था। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल हैंग हो गया। कुछ देर बाद मोबाइल आफ करके आन किया तो गूगल पे से तीन हजार रुपये निकल गए। इसके अलावा रकम नहीं होने से बच गए। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत नहीं की है।
ऐसे फंसाते हैं जाल में
साइबर सेल से मिली जानकारी के मुताबिक, साइबर अपराधी फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्स एप पर लोगों से युवती बनकर दोस्ती करते हैं। फेसबुक प्रोफाइल और व्हाट्स एप डीपी पर युवती का फोटो लगाते हैं। युवती विदेशी होती है। फ्रेंड रिक्वेस्ट और मैसेज आने पर लोग उसे प्रोफाइल और डीपी देखते हैं। मैसेज की मदद से दोस्ती, नौकरी दिलाने और गिफ्ट भेजने का झांसा दिया जाता है। लोगों के झांसे से में आने पर अलग-अलग तरीके से ठगी का शिकार बना लिया जाता है।