कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी छात्रा ने शोहदे की दहशत के चलते स्कूल जाना छोड़ दिया है, लेकिन पुलिस अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। आरोपी व साथियों के खिलाफ छेड़छाड़, जानलेवा हमला सहित पांच मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच की बात कहकर पीड़िता के पिता को लौटा देती है। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव निवासी छात्रा के पिता कोतवाली में न्याय के लिए चक्कर काट रहे हैं। पिता का कहना है कि पुलिस उनकी सुनवाई नहीं कर रही है। बताया कि चार मार्च को उनकी बेटी कॉलेज मार्कशीट लेने के लिए जा रही थी तभी रास्ते में गांव घिटौली निवासी नामजद व उसके साथियों ने रोक लिया। पुत्री के साथ छेड़छाड़ की गई। इसकी रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। छह मार्च को जब वह खेत में बरसीम काटने गया तो उसकी तमंचे की बट से पिटाई की गई। 18 मार्च को नामजद लोगों ने पुत्र की पिटाई की ओर जानलेवा हमला करते हुए फायरिंग की।
आरोपी के खिलाफ जानलेवा हमला सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपियों के खिलाफ पांच मामले दर्ज हो चुके हैं, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ना तो दूर दबिश तक नहीं दे रही है। पीड़ित ने बताया कि शोहदे व उसके साथियों के खौफ से वे लोग घर में कैद होकर रह गए हैं। आरोपी उनके साथ कोई बड़ी घटना अंजाम दे सकते हैं। शोहदे के खौफ के चलते पुत्री ने स्कूल जाना तक छोड़ दिया है। वहीं परिवार के अन्य बच्चे भी स्कूल जाने से डरते हैं।
कोतवाली में रोया पिता
सोमवार को कोतवाली पहुंचे पीड़िता के पिता ने रोते हुए बताया कि दरोगा के पास जाते हैं, तो वह मजबूर होने की बात कहते हैं। जब कोतवाली में प्रभारी से बात की जाती है तो वह दरोगा से बात करने की बात कहते हैं। कहते हैं कि मामले की जांच चल रही है। परेशान पीड़ित करीब एक घंटा तक इधर उधर भटकने के बाद घर वापस चला गया।
ये बोले पुलिस अधिकारी
वहीं इस मामले में एसपी अशोक कुमार राय ने बताया कि उक्त प्रकरण की जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है। जांच के बाद जो भी तथ्य प्रकाश में आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।