बिछवां। क्षेत्र के नगला कुआं में सोमवार की शाम अचानक पेट दर्द होने के कारण तीन बालिकाओं की हालत बिगड़ गई। तीनों को इलाज के लिए निजी क्लीनिक पर ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान एक बालिका की मौत हो गई। परिजन ने एल्बेंडाजोल की टेबलेट खाने के बाद बच्चियों की हालत बिगड़ने पर आरोप लगाया है। सीएमओ के निर्देश पर पहुंची टीम ने जांच पड़ताल की। पोस्टमार्टम कराने की मना करने के बाद परिजन ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
क्षेत्र के गांव नगला कुआं में सोमवार को दोपहर बाद आंगनबाड़ी केंद्र पर आशा कार्यकर्ता मिथिलेश और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मनोरमा ने गांव के करीब 50 बच्चों को एकत्र किया था। जहां पेट के कीड़ों को खत्म करने से जुड़ी एल्बेंडाजोल की गोलियां बच्चों को खिलाई गई थीं। परिजन ने आरोप लगाया कि गोली खाने के बाद हरिश्चंद्र की 14 वर्षीय पुत्री संध्या, करन सिंह बघेल की पुत्री आकांक्षा और संजीव की पुत्री चंचल का जी मिचलाने के बाद अचानक तबीयत खराब हो गई। तीनों को उल्टियां शुरू हुई तो उन्हें हन्नूखेड़ा स्थित निजी क्लीनिक पर ले जाया गया। जहां संध्या की मृत्यु हो गई। परिजन ने एल्बेंडाजोल की गोली खाने से बालिका की मृत्यु होने का आरोप लगाया तो सीएमओ डा. आरसी गुप्ता के निर्देश पर चिकित्साधिकारी डा. पपेंद्र कुमार ने एक टीम को गांव भेजा। जहां टीम ने परिजन से जानकारी की और मौत का कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम कराने की बात कही, लेकिन परिजन ने शव का पोस्टमार्टम कराने की मना कर दिया। बालिका की मृत्यु से परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
सोमवार को जिले में लाखों बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई थी। इससे किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई है। परिजन द्वारा लगाए गए आरोप पर शव का पोस्टमार्टम कराने का आग्रह किया गया था, लेकिन मना कर दिया गया है। बालिका की मौत पेट दर्द के कारण हुई है। जांच के लिए टीम को मौके पर भेजा गया था।
डा. आरसी गुप्ता, सीएमओ