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नो एंट्री में ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक सवार भाई-बहन को कुचला, युवती की मौत

Thu, 04 Oct 2018 08:33 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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मृतका रेणुका का फाइल फोटो
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आगरा में नो एंट्री में भारी वाहनों के दौड़ने से एक बार फिर हादसा हो गया। एमजी रोड के सेंट जोंस चौराहे पर गुरुवार को ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में बाइक सवार युवक और युवती आ गए। हादसे में बाइक सवार युवती की मौत हो गई, जबकि युवक घायल हो गया। उसे एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद ट्रैक्टर ट्राली लेकर चालक भाग गया। 
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मोती कटरा स्थित जत्ती कटरा निवासी राजबहादुर की बेटी रेणुका (25) एटा के मिलिट्री अस्पताल में संविदा कर्मचारी थी। गुरुवार सुबह 6:30 बजे वो पड़ोस में रहने वाले रिश्ते के भाई सौरभ के साथ बाइक से भगवान टॉकीज जा रही थी। रेणुका को एटा के लिए बस में बैठना था। 

सौरभ ने बताया कि सेंट जोंस चौराहे के पास पीछे से ट्रैक्टर ट्रॉली आई। उसमें मलबा भरा हुआ था। अचानक चालक ने ट्रैक्टर को एक तरफ घुमा दिया, जिससे उनकी बाइक में टक्कर लग गई। रेणुका और सौरभ सड़क पर गिरे। रेणुका के सिर में चोट लगी, जबकि सौरभ के एक पैर से ट्राली का पहिया निकल गया।
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वाहन लेकर चालक फरार

हादसे के बाद भी चालक ने ट्रैक्टर ट्राली को नहीं रोका। वो भाग निकला। राहगीर दोनों को एसएन मेडिकल कॉलेज लेकर आए, जहां रेणुका को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं सौरभ को इलाज चल रहा है। हादसे की जानकारी पर परिजन आ गए। उन्होंने हंगामा कर दिया। ट्रैक्टर ट्रॉली के चालक को पकड़ने की मांग की। 

घटना की जानकारी पर थाना हरीपर्वत पुलिस आ गई। पुलिस ने आश्वासन देकर उन्हें शांत किया। पुलिस ने ट्रैक्टर के बारे में जानकारी के लिए एमजी रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए। मगर, ट्रैक्टर ट्राली की पहचान नहीं हो सकी। इंस्पेक्टर ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया है। 

नो एंट्री के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति

हाल ही में एसएसपी ने यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए कवायद की थी। नो एंट्री का समय निश्चित कर दिया था। सख्ती से नियम का पालन कराने को कहा था। यमुना किनारा को छोड़कर शहर के बाकी क्षेत्र में तड़के पांच बजे से रात 11 बजे तक नो एंट्री का समय निश्चित है। 

इस दौरान ट्रैक्टर ट्राली, ट्रक और अन्य भारी वाहन नहीं चल सकते। इसके बावजूद वाहन बिना किसी रोक टोक के दौड़ रहे हैं। पुलिस की ओर से वाहनों को भी नहीं पकड़ा जाता है।

 
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ट्रैक्टर का प्रयोग देहात में अधिक होता था। मुख्य रूप से किसान खेतीबाड़ी में प्रयोग करते हैं। मगर, ट्रैक्टर को ट्राली के साथ शहर में धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। इनमें बालू, ईंट, मलबा, पानी के टैंकर को ढोया जाता है। इन पर पुलिस का कोई अंकुश नहीं है। 

लगातार हो रहे हैं हादसे

शहर में नो एंट्री में वाहनों के प्रवेश से हादसे का पहला मामला नहीं है। एक महीने पहले सेंट पैट्रिक्स स्कूल की छात्रा की नगर निगम के डंपर की चपेट में आने से मौत हो गई थी। शमसाबाद रोड पर ट्रक की चपेट में आने से पति-पत्नी की मौत हो गई थी। आवास विकास कालोनी में कुछ साल पहले छात्रा की ईंट से लदे ट्रैक्टर की चपेट में आकर मौत हो गई थी। 
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