मैनपुरी शहर की कांशीराम कॉलोनी में सोमवार की देरशाम 12 वीं छात्रा ने कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पंखे के कुंदे में दुपट्टे से बनाए फंदे पर शव लटका देख परिजनों ने एक बच्चे की मदद से अंदर से दरवाजा खुलवाया।
कोतवाली क्षेत्र में आजाद नगर कांशीराम कॉलोनी निवासी रविंद्र गौतम की 17 वर्षीय पुत्री अर्पिता गौतम शहर के एक इंटर कॉलेज में 12वीं की छात्रा थी। सोमवार पिता काम पर गए थे। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मां भी काम पर गई थीं। शाम करीब सात बजे जब मां घर पहुंची और दरवाजा खटखटाया तो वह अंदर से बंद था। कुछ देर इंतजार करने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो एक पड़ोसी बच्चे को बुलाकर जंगला में हाथ डालकर किसी तरह दरवाजा खुलवाया गया। अंदर जाकर देखा तो अर्पिता का शव कमरे में पंखे के कुंदे में दुपट्टा के फंदा से लटका हुआ था। घर में चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शव को फंदे से उतरवाने के बाद मोर्चरी में रखवाया। मंगलवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया।
नहीं पता खुदकुशी की वजह
छात्रा ने अचानक खुदकुशी कर ली। लेकिन इसके पीछे क्या कारण रहे, इसको लेकर न तो परिजन कुछ बताने को तैयार हैं। न हीं पुलिस को भी इस बारे में अभी तक कोई जानकारी हो सकी है।
कोरोना: वृंदावन में तीन दिन में आठ विदेशी श्रद्धालु संक्रमित, नए वैरिएंट की जांच के लिए लखनऊ भेजे गए सैंपल