आगरा मेट्रो का कार्य तेजी से चल रहा है। आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक मेट्रो लाइन के लिए मिट्टी की जांच शुरू हो गई है। मेट्रो ट्रेन के ट्रैक के लिए रुनकता में मिक्चर प्लांट लगा है, जहां पिलर बनने के बाद ट्रैक पर लगाए जाएंगे।
आगरा मेट्रो ट्रेन के एलिवेटेड ट्रैक के लिए गर्डर बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। रुनकता में लगे मिक्चर प्लांट में अभी तक 50 से अधिक गर्डर बन गए हैं। इनका भंडारण किया जा रहा है। ट्रैक के पिलर बनने के बाद इनको स्थापित कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि रुनकता में मिक्चर प्लांट लगा है। इसमें एलिवेटेड ट्रैक के लिए जरूरी यू गर्डर, कैप गर्डर बनाए जा रहे हैं। इसमें 25-28 मीटर लंबाई और 165-172 टन तक वजन है। भंडारण किया जा रहा है। इनका इस्तेमाल पहले कॉरिडोर के आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिकंदरा में किया जाएगा। इसमें आईएसबीटी सर्विस रोड पर बनेगा।
यहां से ट्रैक हाईवे के मध्य में आएगा और गुरु का ताल और सिकंदरा के बीच स्टेशन बनेगा। इसके लिए हाईवे की दोनों ओर की एक-एक लेन पर बैरीकेडिंग की जाएगी। बाकी के चार लेन से वाहनों का आवागमन होगा। दूसरे कॉरिडोर के लिए 14 स्टेशनों में किया जाएगा। भंडारण करने से तेजी से कार्य हो सकेगा।
आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक मिट्टी की जांच
मेट्रो ट्रेन का दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनेगा। इसमें 14 स्टेशन हैं, जिसकी दूरी करीब 15 किमी है। इसके लिए आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक मिट्टी की जांच की जा रही है। इसमें हर एक किमी की दूरी पर बैरीकेडिंग कर 15 मीटर गहराई तक मिट्टी का नमूना लेकर जांच कराई जाएगी। इसी के आधार पर पिलर की गहराई तय की जाएगी।