आगरा। गांव गिजौली में पिछले दिनों दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद जातीय तनाव हो गया था। घटना के बाद राजनेता भी पहुंचे थे। मामला तूल पकड़ता इससे पहले ही शनिवार को सर्वसमाज की मौजूदगी में पंचायत हुई। इसमें दोनों पक्षों में सुलह हो गई। इसकी जानकारी पुलिस को भी दी गई। उधर, डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा ने कहा कि जिले में धारा 163 बीएनएसएस लागू है। अगर कोई इसका उल्लंघन करेगा तो कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बैठक की थी। एक पक्ष की ओर से पूर्व प्रधान छीतर सिंह तो दूसरे पक्ष की ओर से प्रधान लोकमान सिंह चौधरी प्रमुख थे। उन्होंने दोनों पक्ष के लोगों से बात की। आमन-सामना कराया। इसके बाद तय हुआ कि कोई मन में किसी तरह का मतभेद नहीं रखेगा। किसी तरह की समस्या होगी तो आपस में बैठकर सुलझाया जाएगा। दोनों पक्षों ने पुलिस कार्रवाई पर संतुष्टि जाहिर की। ग्रामीणों के साथ थाना खंदौली पहुंचे और थाना प्रभारी को आपसी समझौते की जानकारी दी। पुलिस ने भी दोनों पक्षों से भविष्य में शांति बनाए रखने का भरोसा लिया। उधर, मंगलवार को सांसद रामजीलाल सुमन के नेतृत्व में 15 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल के पहुंचने का एक पत्र भी सोशल मीडिया पर डाला गया है।
पुलिस भी अलर्ट
डीसीपी पश्चिम जोन अतुल शर्मा ने बताया कि गिजौली में अब दोनों पक्ष आपसी सहमति से राजीनामा कर चुके हैं। पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट हैं। जनपद में पहले से ही धारा-163 बीएनएसएस (पूर्व की धारा-144 सीआरपीसी) लागू है। उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई व्यक्ति शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।