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Agra News: मेट्रो रूट पर नक्शा पास कराना 25 फीसदी होगा महंगा

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आगरा। शहर में मेट्रो की सुविधा मिलेगी तो इसके बदले जनता की जेब भी ढीली होगी। हाईवे पर सिकंदरा से कालिंदी विहार तक, एमजी रोड पर भगवान टॉकीज से आगरा कैंट स्टेशन तक और फतेहाबाद रोड पर प्रतापपुरा चौराहे से सेल्फी पॉइंट तक मेट्रो रूट के दोनों ओर 500 मीटर के दायरे में घर, दुकान या अन्य निर्माण का नक्शा पास कराना अब 25 फीसदी तक महंगा हो जाएगा। इन क्षेत्रों में लोगों को 619 रुपये प्रति वर्ग मीटर का अतिरिक्त सुख-सुविधा शुल्क चुकाना पड़ेगा।
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आगरा में मेट्रो के दोनों कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 30 किलोमीटर है। वर्तमान में आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) 2,475 रुपये प्रति वर्ग मीटर का विकास शुल्क लेता है। मेट्रो कॉरिडोर के पास नया शुल्क लागू होने के बाद एडीए से नक्शा पास कराने पर 3,094 रुपये प्रति वर्ग मीटर का शुल्क चुकाना पड़ेगा। यह प्रस्ताव एडीए बोर्ड बैठक में पास होने के बाद अब अंतिम मंजूरी के लिए शासन में लंबित है।
एडीए उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली ने बताया कि शासन जैसे ही मेट्रो को विशेष सुविधा का दर्जा देगा, वैसे ही यह सुख-सुविधा शुल्क लागू हो जाएगा। बता दें कि जून, 2027 तक 30 किमी के दायरे में मेट्रो का पूर्ण संचालन शुरू हो जाएगा। सुख-सुविधा शुल्क सिर्फ नए नक्शे पास कराने पर ही नहीं, बल्कि पुराने निर्माण का शमन कराने पर भी लगेगा।
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आपकी जेब पर ऐसे पड़ेगा असर

मौजूदा विकास शुल्क: 2,475 रुपये प्रति वर्ग मीटर।
अतिरिक्त शुल्क (25%): 618.75 रुपये (लगभग 619 रुपये)।
मेट्रो रूट पर नया शुल्क: 2475 + 619 = 3094 रुपये प्रति वर्ग मीटर।


100 वर्ग मीटर पर ज्यादा देने पड़ेंगे 61,900 रुपये

मेट्रो रूट पर यदि आप 100 वर्ग मीटर (लगभग 120 वर्ग गज) के प्लॉट का नक्शा पास कराते हैं, तो आपको पहले के मुकाबले करीब 61,900 रुपये ज्यादा देने होंगे। वहीं, 200 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल पर आपकी जेब पर 1,23,800 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।


इसलिए लगाया जा रहा है यह अतिरिक्त शुल्क

यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने मेट्रो के सुचारू संचालन, रख-रखाव और वित्तीय मजबूती के लिए राज्य सरकार से मेट्रो को विशेष सुख-सुविधा परियोजना घोषित करने की मांग की थी। मेट्रो पॉलिसी-2017 और यूपी नगर योजना एवं विकास अधिनियम के हालिया संशोधनों के तहत यह प्रावधान है कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को आर्थिक रूप से सस्टेनेबल बनाने के लिए जनता से विशेष शुल्क लिया जा सकता है।
इस नए शुल्क से एक अलग स्पेशल एमिनिटी डेवलपमेंट फंड बनाया जाएगा। यूपी मेट्रो की मांग के अनुसार, इस फंड में आने वाली कुल रकम का 50 फीसदी हिस्सा मेट्रो को मिलेगा। गौरतलब है कि मेट्रो रूट के दोनों ओर 500 मीटर के दायरे को एडीए पहले ही ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) जोन घोषित कर चुका है।
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