अब लगी सरकारी मुहर
आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चेंबर एवं हैंडीक्राफ्ट निर्माता के अध्यक्ष प्रहलाद अग्रवाल ने बताया कि सरकार से मिले जीआई टैग से स्पष्ट हो गया है कि पच्चीकारी कला पूर्णतः आगरा की धरोहर है। इससे कारीगरों और उद्यमियों को नई ऊर्जा मिलेगी, व्यापार बढ़ेगा। पहले जब हम निर्यात करते थे, तो आगरा का सिद्ध करना मुश्किल होता था।
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हमारे लिए गौरव का विषय
ओवरसीज ट्रेड लिंकर के स्वामी विवेक अग्रवाल का कहना है कि यह हमारे लिए गौरव का विषय है। जिस कला को पीढ़ियों से सहेजा, उसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है। अब जब भाग ‘बी’ की प्रक्रिया शुरू हो गई है, हमें अधिकार मिलेगा कि हम जीआई टैग का प्रयोग कर उत्पादों को प्रमाणिक रूप से प्रस्तुत कर सकें। इससे ब्रांड और मूल्य दोनों में वृद्धि होगी।
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