नई दिल्ली से पूर्वाह्न 11:15 बजे गतिमान एक्सप्रेस रवाना हुई। इसके
आगरा कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर पहुंचने का समय दोपहर 1:30 बजे
निर्धारित किया गया था। हालांकि यह इससे पहले आ गई, लेकिन 105 मिनट के समय
को नहीं पा सकी। ट्रेन 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ही चल
पाई। निजामुद्दीन, फरीदाबाद-पलवल, मथुरा और मथुरा-आगरा के बीच में कई
जगहों पर कॉशन आर्डर लेना पड़ा। फिलहाल अब तक के सभी ट्रायल में निर्धारित
समय पर ट्रेन नहीं पहुंच पाई।
कब किस स्टेशन पर पहुंची
गतिमान नई
दिल्ली से 11:15 बजे आगरा के लिए रवाना हुई। 11:58 बजे पलवल, 12:15 बजे
कोसी कला, 12:26 बजे मथुरा, 1:04 बजे राजा की मंडी और 1:08 बजे आगरा कैंट
पहुंची।
160 की स्पीड से नहीं चल सकेगी..
गतिमान के 90 मिनट
में नई दिल्ली से आगरा कैंट स्टेशन पहुंचाने का दावा किया गा था, मगर दो
ट्रायलों के बाद स्पीड और ट्रैक की परख के बाद इसका समय बढ़ाकर 105 मिनट कर
दिया गया। बावजूद इसके आगरा कैंट पर 105 मिनट में पहुंचने की भी संभावना
नहीं लग रही। दिल्ली, इलाहाबाद के अधिकारियों का मानना है कि ट्रेन को 90
या 105 मिनट में आगरा लाना मुश्किल है। कई जगहों पर स्पीड कम करनी ही
पड़ेगी। घोषित 160 की जगह ट्रेन 120-130 किमी प्रति घंटा से अधिक रफ्तार से
नहीं चलाई जा सकेगी।
यहां कम करनी पड़ेगी स्पीड
मथुरा यार्ड : 50 किमी प्रति घंटा स्पीड रहेगी।
मथुरा-भूतेश्वर ब्रिज : 50 किमी प्रति घंटा।
राजा मंडी से आगरा कैंट :40-45 किमी।
टाइम और ट्रेन नंबर फाइनल
ट्रेन
का नंबर 12050/12049 है। ट्रेन नई दिल्ली से सुबह आठ बजे चलकर 9:45 बजे
आगरा कैंट आएगी। यहां से शाम साढ़े पांच बजे चलकर 7:15 बजे नई दिल्ली
पहुंचेगी।
अब तक के ट्रायल में कैंट स्टेशन पहुंचने का समय
03 जुलाई को पहला ट्रायल : नई दिल्ली से आगरा कैंट 100 मिनट में पहुंची।
11 सितंबर को दूसरा ट्रायल : 103 मिनट, (इसे देखते हुए 105 मिनट निर्धारित किया है)
23 दिसंबर को तीसरा ट्रायल : 105 मिनट में पहुंच गई।
24 दिसंबर को चौथा ट्रायल : 148 मिनट में आई।
26 दिसंबर को पांचवां ट्रायल : 168 मिनट में पहुंची।
02 जून को छठवां ट्रायल : 115 मिनट में आगरा कैंट पहुंची।
अभी तक नहीं बनी दीवार
आगरा
से दिल्ली तक ट्रैक के किनारे सीमेंट की दीवार बननी थी, मगर आगरा के थोड़े
से क्षेत्र में ही काम हुआ है। जबकि बिना बाउंड्रीवाल को इस गाड़ी को
चलाना खतरे से खाली नहीं। हर दिन आगरा-पलवल सेक्शन में जानवर ट्रेन के
सामने आने से कटते हैं। कई रेलवे फाटक अभी भी मानवरहित हैं। कई जगहों पर
बीच शहर से ट्रेन निकलती है। जिस कारण भी स्पीड को कम करना होता है।
अपने तय समय से बीस मिनट पहले ही ट्रेन आ गई। अभी ट्रेन के चलने की कोई तिथि तय नहीं हुई है।
- भूपेंदर ढिल्लन, पीआरओ