अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार को मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर की
अध्यक्षता में बैठक चल रही थी। बैठक के दौरान ही कमिश्नर ने पालीथिन के
खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने का फरमान जारी कर दिया। नगर निगम के पर्यावरण
अभियंता राजीव राठी, मुख्य अभियंता सुरेश चंद्रा, सहायक अभियंता एके
वार्ष्णेय आदि की टीम ने सबसे पहले प्रतापपुरा चौराहा स्थिति देवीराम
स्वीट्स के यहां पालीथिन जब्त करते हुए पांच हजार रुपये का जुर्माना किया
है।
इसके बाद हरीपर्वत थाना क्षेत्र में पंछी पेठा स्टोर, भीमसेन पेठा
स्टोर के यहां से पालीथिन जब्त कीं। दोनों की दुकानों में बाहर थोड़ी
पालीथिन मिली, लेकिन जब टीम गोदाम में तलाशी ली तो पालीथिन का जखीरा बरामद
हुआ। वहीं मनोहर लाल गजक की दुकान के कर्मचारियों ने टीम से पालीथिन प्रयोग
से इनकार कर दिया। कहा, जो पालीथिन प्रयोग की जा रही है वह 40 माइक्रोन से
अधिक की है। पर्यावरण अभियंता टीम को लेकर बेसमेंट में स्थित गोदाम में
पहुंच गए, जहां पालीथिन के करीब छह बोरे बरामद हुए। यहां भी जुर्माने वसूला
गया।
इनबाक्स...
अब हर तरह की पालीथिन पर प्रतिबंध
दुकानदारों
का विरोध इस बात पर था कि नगर निगम के अधिकारी 40 माइक्रोन से अधिक की
पालीथिन को भी जब्त कर रहे हैं, जबकि शहर में इस स्टैंडर्ड पालीथिन को
मान्य कर दिया गया था। पर्यावरण अभियंता राजीव राठी ने बताया कि पिछले
दिनों मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई टीटीजेड की बैठक में तय हो चुका है
कि अब किसी भी तरह की पालीथिन का प्रयोग नहीं होने दिया जाएगा।
कमिश्नर को थी पालीथिन की जानकारी
मंगलवार
दोपहर अचानक छापामार कार्रवाई का आदेश देने से पहले मंडलायुक्त प्रदीप
भटनागर ने अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि अभियान के नाम पर खानापूर्ति न
करें। उन्होंने बताया था कि दुकान में ऊपर तलाशी लेने के बजाए उनके गोदाम
चेक करें, पालीथिन जरूर मिलेगी। राठी ने बताया कि टारगेट पहले से फिक्स
नहीं था। बड़े प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई होगी तो छोटे दुकानदार स्वयं
पालीथिन का प्रयोग बंद कर देंगे।
इनके यहां इतना जुर्माना
दुकान जुर्माना
देवीराम स्वीट्स 5,000
मनोहर लाल गजक 10,000
पंछी पेठा 10,000
भीमसेन पेठा 5,000