मौसम के मिजाज से बेपरवाह होकर तल्लीनता से सूरसदन के बंद हॉल में कवि सम्मेलन और मुशायरे पर वाह-वाह करने वालों को ताज महोत्सव में 50 रुपये का टिकट खरीदना होगा। कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन पहली बार सूरसदन की जगह ताजगंज स्थित शिल्पग्राम के मुक्ताकाशीय मंच पर होगा। ताज महोत्सव आयोजन समिति के इस नए प्रयोग से श्रोताओं में नाराजगी है।
इस बार 22 को कवि सम्मेलन और 25 फरवरी को कुल हिंद मुशायरा होगा। शिल्पग्राम न केवल दूर है, बल्कि भोर तक चलने वाले दोनों आयोजनों से लौटने पर सार्वजनिक वाहन भी उपलब्ध नहीं हो पाएंगे। इससे उन श्रोताओं में नाराजगी है, जो शहर के बीचोबीच स्थित सूरसदन पर पैदल ही पहुंचते रहे थे। समिति ने 50 रुपये की प्रवेश टिकट भी लगाई है। हालांकि समिति का दावा है कि 500 प्रवेश पास छपवाए जा रहे हैं, लेकिन यह केवल प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ उन तक पहुंच रखने वालों को ही मिल पाएंगे। श्रोताओं की आपत्ति ये भी है कि पास महज 500 हैं और कवि सम्मेलन तथा मुशायरे जैसे आयोजनों में 1500 से 2000 श्रोता मौजूद रहते हैं। ऐसे में बाकी लोगों को टिकट खरीदना ही होगा। सूरसदन में यह आयोजन नि:शुल्क रहा है।
वर्जन
कवि सम्मेलन और मुशायरे के लिए अलग से पास छपवाए जा रहे हैं। इस पास से प्रवेश करने वालों को टिकट नहीं खरीदनी होगी’।
दिनेश कुमार
सचिव, ताज महोत्सव समिति