दिवाली की शाम किशोरपुरा की गली नंबर-5 में सेवानिवृत्त जलकल कर्मी रामजीलाल के घर में एलपीजी सिलिंडर में लीकेज से हुए जोरदार धमाके में एक की जान चली गई, जबकि मलबे में दबकर चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घर में बनी रसोई की छत उड़ गई। बाथरूम और सैलून की दुकान ढह गई। घायल लोग दुकान में ही बैठे थे। आग का गोला बने घर से महिलाएं और बच्चे किसी तरह बचकर बाहर निकल आए। घटना से इलाके में दहशत फैल गई।
घटना सोमवार देर शाम करीब 6:45 बजे की है। किशोरपुरा में रामजीलाल का दो मंजिला मकान है। पिछले हिस्से में गली के रास्ते की तरफ तीन दुकानें बनी हैं। एक में ज्वेलरी की दुकान है। बीच की दुकान खाली है और तीसरी में नगला अजीता निवासी आशु सैलून चलाते हैं। सैलून की दुकान के पास ही रामजीलाल के घर की रसोई और बाथरूम बने थे।
शमसाबाद के मोहल्ला टोला निवासी कान्हा (18), उसका दोस्त प्रीतम (18), किशोरपुरा निवासी केशव, अभिषेक और अमर शर्मा सैलून की दुकान पर माैजूद थे। आशु दुकान के पास से पानी लेने चला गया। केशव दुकान के बाहर खड़ा हुआ था। बाकी चार लोग अंदर थे। जिस समय हादसा हुआ, उस समय रामजीलाल की पत्नी ढाल कुमारी, बहू सीमा, पाैत्र सुमित, ध्रुव पहली मंजिल पर थे। दूसरे बेटे विनोद की पत्नी अनीता, 16 साल का पाैत्र राजे, सात साल का दिव्यांशु और 11 साल की पाैत्री हेमा भूतल पर थे।
तभी सिलिंडर में जोरदार धमाका हुआ और रसोई की छत उड़ गई। सैलून की दुकान और बाथरूम ढह गए। आग की लपटें गली में आ गईं। उस समय बड़ी संख्या में लोग दिवाली की खरीदारी के लिए जा रहे थे। धमाके से आसपास के मकान हिल गए। लोग बाहर की तरफ निकलकर भागे। रास्ते से निकल रहे लोग भी दूर हो गए। सैलून की दुकान के अंदर व बाहर माैजूद पांचों युवक मलबे में दब गए। सूचना पर दमकल की दो गाड़ियां और थाना जगदीशपुरा पुलिस पहुंच गई। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्रीतम की माैत हो गई। वहीं अन्य चारों का उपचार चल रहा है।
60 फीसदी तक जल गया था प्रीतम
एसीपी हरीपर्वत मयंक तिवारी ने बताया कि हादसा सिलिंडर में धमाके की वजह से हुआ। मृतक प्रीतम 60 प्रतिशत तक जल गया था। वहीं उसका साथी कान्हा 80 प्रतिशत तक जला है। अमर 40 प्रतिशत, केशव 70 प्रतिशत तक जल गए। अभिषेक की हालत ठीक है, लेकिन तीन की स्थिति चिंताजनक है। उनका एसएन मेडिकल कालेज में उपचार चल रहा है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि सिलिंडर के टुकड़े घटनास्थल पर मिले हैं। इन्हें जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है। प्रथम दृष्टया धमाके की वजह सिलिंडर में लीकेज को माना जा रहा है। लीकेज से घर में गैस भर गई होगी। चिंगारी के संपर्क में आने पर धमाका हो गया।
जन्मदिन से दो दिन पहले बाल-बाल बचा दिव्यांशु
किशोरपुरा निवासी रामजीलाल के पांच बेटे हैं। इनमें बेटा विनोद, उसकी पत्नी अनीता, 16 साल का बेटा राजे, सात साल का दिव्यांशु, 11 साल की बेटी हेमा, वहीं दूसरे बेटे ललितेश, उसकी पत्नी सीमा, बेटे सुमित, ध्रुव रहते हैं। तीन बेटे विजय, ओमी और गुड्डू बोदला में रहते हैं। विनोद के सात साल के बेटे दिव्यांशु का बुधवार को जन्मदिन है। वह मलबे में दब गया था। उसे किसी तरह लोगों ने बाहर निकाला। गनीमत रही कि उसे गंभीर चोट नहीं आई। घटना के बाद पूरा परिवार रिश्तेदार के यहां रह रहा है।