जिले की सूरी गैस एजेंसी ने लचर व्यवस्था से परेशान होकर अचानक लाइसेंस सरेंडर कर दिया, जिससे 10 हजार से अधिक कनेक्शन अन्य एजेंसियों में ट्रांसफर कर दिए गए। इस बदलाव के बाद उपभोक्ताओं को सिलिंडर बुकिंग और डिलीवरी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं।
पश्चिम एशिया में भले ही संघर्ष विराम चल रहा हो, लेकिन रसोई गैस के लिए ग्राहकों का संघर्ष कम नहीं हो रहा है। अब इससे एजेंसी संचालक भी त्रस्त हो गए हैं। गैस कंपनियों की लचर व्यवस्था से परेशान होकर सोरों कटरा स्थित सूरी गैस एजेंसी के संचालक ने लाइसेंस सरेंडर कर दिया है। इसके 10 हजार कनेक्शन दूसरी एजेंसियों पर ट्रांसफर कर दिए गए हैं। वहीं, अचानक हुए इस बदलाव से उपभोक्ता गैस बुकिंग और सिलिंडर की डिलीवरी के लिए भटक रहे हैं।
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जिले में कुल 89 गैस एजेंसियां हैं और इनसे 12.50 लाख से अधिक घरेलू गैस के उपभोक्ता जुड़े हैं। सूरी गैस एजेंसी पर अचानक ताले लटकने से उपभोक्ताओं में अफरा-तफरी मच गई। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के एजेंसी का शटर गिरने से क्षेत्र के हजारों घरों में गैस का संकट गहरा गया है। लोग खाली सिलिंडर लेकर नई एजेंसी का पता पूछते हुए भटक रहे हैं। लोगों का कहना है कि एजेंसी सरेंडर करने की वजह ग्राहकों का दबाव है।
रविवार को जब ग्राहक गैस बुक कराने और अपनी समस्या लेकर सूरी गैस एजेंसी पहुंचे, तो उन्हें वहां शटर बंद मिला। शटर पर पेंट से बड़े अक्षरों में और कागज के पर्चों पर एक संदेश लिखा गया है कि प्रिय ग्राहक, आपके गैस कनेक्शन आदित्य गैस सर्विस व नागा गैस एजेंसी पर स्थानांतरित कर दिए गए हैं। एजेंसी प्रबंधन ने शटर पर कुछ मोबाइल नंबर लिखकर ग्राहकों को मिस्ड कॉल के जरिये गैस बुक कराने की सलाह दी है।
उपभोक्ताओं में असमंजस, सिस्टम पर उठे सवाल
अचानक हुए बदलाव से हजारों उपभोक्ताओं के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। ग्राहकों का कहना है कि नई एजेंसियों आदित्य गैस और नागा गैस के सिस्टम में उनका डाटा पूरी तरह अपडेट हुआ है या नहीं, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। फोन नंबरों पर बुकिंग करने के बावजूद समय पर डिलीवरी न मिलने की शिकायतें आ रही हैं। अचानक एजेंसी का बंद होना विभागीय मॉनिटरिंग पर भी सवाल खड़े करता है। ग्राहकों का आरोप है कि उन्हें इस शिफ्टिंग की पहले से कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी गई।
सरेंडर हो गई एजेंसी
सूरी गैस एजेंसी सरेंडर हो गई है। उसे बंद कर दिया गया है। उपभोक्ताओं के कनेक्शन ट्रांसफर किए गए हैं। इससे बुकिंग और डिलीवरी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। - आनंद कुमार, जिलापूर्ति अधिकारी
स्वास्थ्य ठीक नहीं
मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है। अब एजेंसी चलाने की शारीरिक क्षमता नहीं है। स्वास्थ्य कारणों से ही लाइसेंस सरेंडर किया है। ग्राहकों को कोई असुविधा नहीं होगी। - अश्वनी, संचालक, सूरी गैस एजेंसी