कासगंज। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में कचरा निस्तारण के लिए 3.03 करोड़ रुपये की लागत से निकायों में नौ एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बनाए गए है। इसके बाद भी निकायों से निकलने वाला कूड़ा सड़क दोनों किनारे पर फेंक दिया जाता है। बारिश होने से सड़कों के किनारे पड़ा कूड़ा अब सड़ने लगा है। इससे क्षेत्र में संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बढ गया है।
जिले में तीन नगर पालिका और सात नगर पंचायत है। इनसे प्रतिदिन 1691 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। कचरा निस्तारण के लिए डेढ़ वर्ष पूर्व निकायों में 9 एमआएफ सेंटर बनाए गए है। नगर पंचायत बिलराम में एमआरएफ सेटर का निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है। निकायों में एमआरएफ बनाए जाने के बावजूद कूड़ा डंप करने और निस्तारण का इंतजाम नहीं है।
इसे शहर के नजदीक सड़कों के किनारे या आबादी के करीब डंप कर दिया जाता है। शहर के समीप अहरौली काली नदी मार्ग ,बिलराम हजारा नहर,ढोलना रोड़,सोरोंजी में सलेमपुर रोड,गंजडुंडवारा में सिढ़पुरा रोड़ व पटियाली रोड़ पर सड़क किनारे फेंक दिया जाता है। बारिश के बाद क्षेत्र में पड़ा कूड़ा सड़ रहा है। गंदगी के ढेर से उठती दुर्गंध से लोगों को परेशानी होती है। इससे क्षेत्र में संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बना रहता है।सहावर नगर पंचायत में एमआरएफ सेंटर संचालित है ।
-अहरौली काली नदी मार्ग पर आए दिन पालिका कर्मी सड़क किनारे कूड़ा फेंक जाते है। गंदगी के ढेर से उठती दुर्गंध से लोगों को परेशानी होती है। -विश्वबंधु रतन, प्रधान प्रतिनिधि अहरौली, कासगंज
-निकायों से निकलने वाला कूड़ा सड़क किनारे फेंक दिया जाता है। बारिश के बाद मार्ग पर पड़ा कूड़ा सड़ रहा है। इससे संक्रामक रोग फैलने का खतरा बना रहता है।-राजकुमार, प्रधान अमरपुर ढिलावली, कासगंज
निकाय आबादी (वर्ष 2011 के अनुसार ) - वार्ड- कूड़ा प्रतिमाह मीट्रिक टन
कासगंज - 101277 - 25 - 650
सोरों - 27468 - 25 - 175
गंजडुंडवारा - 45385 - 25 - 280
अमांपुर 10830 - 10 - 58
सहावर - 24067 - 15 - 135
पटियाली- 14366 - 11 - 80
सिढ़पुरा - 15740 - 12 - 93
भरगैन- 21891 - 14 - 120
मोहनुपर- 4919 - 10 - 27
बिलराम- 12429 - 10 - 73