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सफाई का संकट: 1100 कर्मचारियों ने ठप किया काम, 270 कूड़ा गाड़ियां नहीं निकलीं; शहर में लगे कूड़े के ढेर

Wed, 02 Sep 2026 10:02 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में चार महीने से भुगतान नहीं मिलने से नाराज डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली कंपनी के 1100 सफाईकर्मी मंगलवार को हड़ताल पर चले गए। 270 गाड़ियों का संचालन ठप होने से ताजगंज, छत्ता और लोहामंडी जोन के वार्डों में गलियों-मोहल्लों में कचरे के ढेर लग गए।
 
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कर्मचारियों ने ठप किया काम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा मंगलवार को लाखों शहरवासियों को उठाना पड़ा। चार महीने से वेतन नहीं मिलने से नाराज डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली कंपनी स्वच्छता कॉर्पोरेशन के सफाईकर्मी काम ठप कर हड़ताल पर चले गए। घरों कर्मचारियों ने वर्कशॉप से गाड़ियां नहीं निकलने दीं। ताजगंज और छत्ता के साथ लोहामंडी जोन के वार्डों में कचरा नहीं उठा तो गली-मोहल्लों में सड़ांध उठने लगी।
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नगर निगम क्षेत्र में मंगलवार की सुबह घरों से कचरा लेने के लिए गाड़ियां नहीं आईं। स्वच्छता कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों ने वर्कशॉप में नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। नगर आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि चार महीने से वेतन नहीं मिल पाया है। कंपनी के सुपरवाइजर ने कहा कि निगम ने चार महीने से भुगतान नहीं किया है। इसके कारण कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पा रहे हैं।
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कंपनी ने नगर निगम से चार माह का बकाया भुगतान मांगा तो एक महीने का पैसा जारी करने का आश्वासन दिया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर बुधवार तक वेतन नहीं मिला तो नगर निगम अधिकारियों के घर के सामने कचरे से भरी गाड़ियां पलट देंगे। स्वच्छता कॉर्पोरेशन के 1100 कर्मचारी 270 गाड़ियों से कूड़ा कलेक्शन करते हैं।

गली-मोहल्लों में लगे ढेर
घरों से कचरा न उठा तो लोगों ने गलियों, मोहल्लों के कोनों और खाली प्लॉटों में कचरा फेंका जिससे सड़ांध उठने लगी। दोपहर में पार्षदों ने नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य से शिकायत की। तब चार महीने की जगह एक महीने का बकाया भुगतान करने के निर्देश दिए गए। कंपनी का मई से अब तक भुगतान नहीं किया गया है। हर माह 3 करोड़ रुपये घरों से कचरा उठाने पर निगम खर्च करता है।

पार्षदों ने भी उठाए सवाल
पीपलमंडी के पार्षद रवि माथुर ने कहा कि सुबह घरों से कूड़ा लेने कर्मचारी नहीं आए। हर गली में कचरा पड़ा रहा। निगम को हर माह भुगतान करना ही चाहिए। ऐसा पहली बार हुआ है जब चार माह का वेतन रोका गया। आवास विकास की पार्षद सुषमा जैन ने कहा कि रक्षाबंधन के बाद से ही सफाई व्यवस्था भंग है। पहले छुट्टियां, अब हड़ताल के कारण वार्ड में कचरे के ढेर लगे हैं। सुबह से शाम तक सैकड़ों लोगों ने शिकायत की।

स्वच्छता कॉर्पोरेशन मैनेजर सुशील कुमार का कहना है कि नगर निगम से चार महीने का भुगतान नहीं मिला तो वेतन कैसे दे पाएंगे। कर्मचारियों को समझाया लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं हुए। एक माह का वेतन देकर समझाएंगे कि हड़ताल न करें। 

अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार का कहना है कि रक्षाबंधन की छुट्टियों के कारण कंपनी का भुगतान नहीं हो पाया था। बुधवार को चेक दे दिया जाएगा। निगम कर्मचारियों को लगाकर कचरा उठवाया था।
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नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि कंपनी के कर्मचारियों ने मंगलवार को कूड़ा नहीं उठाया है। नोटिस देने के साथ हम कंपनी के भुगतान में एक दिन की कटौती करेंगे। 
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