आगरा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को करीब 10 महीने बाद पर्यावरण क्षतिपूर्ति लगाने और उसकी वसूली करने का अधिकार फिर से मिल गया है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद 1 जून से बोर्ड को दोबारा यह शक्ति प्रदान की गई है। इसके बाद यूपीपीसीबी ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। आगरा में नेशनल हाईवे अथॉरिटी, मेट्रो, जल निगम, आगरा विकास प्राधिकरण समेत निर्माण एजेंसियों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति लगाई जा चुकी है।
आगरा कार्यालय के क्षेत्रीय अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि 4 अगस्त 2025 से सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते यूपीपीसीबी के पास पर्यावरण क्षतिपूर्ति लगाने और वसूलने का अधिकार नहीं था। इस कारण प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों और संस्थानों पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाने की कार्रवाई प्रभावित हो रही थी। अब पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।