आगरा में थाना एत्माद्दौला के हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव से दोस्ती में तीन सिपाहियों को लाइन हाजिर किया गया है। दो सिपाही पहले से पुलिस लाइन में तैनात हैं। पांचों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। मोनू की कॉल डिटेल में सिपाहियों की दोस्ती की जानकारी हुई। सीओ छत्ता उदयराज सिंह मामले की जांच कर रहे हैं।
हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव की पुलिस तलाश कर रही थी। लेकिन, वह पुलिस से बच रहा था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसे पुलिस के मूवमेंट की जानकारी मिल रही थी। 17 जुलाई को उसने कोर्ट में समर्पण कर दिया था। उसके पुलिस से बचकर समर्पण करने के बाद अधिकारियों को शक हो गया।
उन्होंने जांच कराई। मोनू की कॉल डिटेल खंगाली गई। इसके अलावा भी अन्य तरीके से पड़ताल की गई। इसके बाद पांच सिपाहियों की दोस्ती का पता चला, जो मोनू के संपर्क में थे। क्राइम ब्रांच ने भी रिपोर्ट दी थी। उसकी पुलिसकर्मियों से संलिप्तता के बारे में बताया था।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि मोनू से पांच सिपाहियों की बातचीत की बात सामने आई है। इनमें से तीन सिपाही थानों में तैनात हैं, जबकि दो पुलिस लाइन में हैं। इनको लाइन हाजिर किया गया है। जांच सीओ छत्ता को सौंपी गई है। इनके खिलाफ विभागीय जांच भी की जाएगी।
इन सिपाहियों पर हुई कार्रवाई
थाना एत्माद्दौला में तैनात रविंद्र यादव, थाना न्यू आगरा में तैनात सत्यपाल यादव, थाना मलपुरा में तैनात दुष्यंत यादव को लाइन हाजिर किया गया है। चालक राहुल यादव और सिपाही राजीव यादव पुलिस लाइन में तैनात हैं। एसएसपी ने बताया कि मलपुरा में तैनात सिपाही के पूर्व में जेल भेजे गए लाखन गैंग के सदस्यों से भी संपर्क होने की जानकारी मिली है। अभी इसकी जांच की जा रही है।
प्रापर्टी डीलर के संबंध की हो रही जांच
मोनू यादव की जमीन खरीद की भी जांच शुरू हो गई है। हाल में मोनू यादव के खिलाफ थाना एत्माद्दौला में दो मुकदमे दर्ज हुए थे। इसमें एक मुकदमा एससी-एसटी एक्ट का भी था। इसमें प्रापर्टी डीलर को भी नामजद किया गया था।
अब पुलिस प्रापर्टी डीलर की जमीन की खरीद संबंधी जांच में लगी है। प्रापर्टी डीलर का संपर्क मोनू यादव से मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं एक निरीक्षक से भी दोस्ती का पता चला है। वह आगरा में ही तैनात हैं। एसएसपी इसके बारे में भी पड़ताल करा रहे हैं।