फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra News: गंगा का जलस्तर अब भी हाईफ्लड से ऊपर

Wed, 13 Aug 2025 11:16 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
विज्ञापन
पटियाली क्षेत्र के गांव मूंजखेड़ा के चारों ओर भरा बाढ़ के पानी का ड्रोन कैमरा से लिया गया फोटो। - फोटो : पटियाली क्षेत्र के गांव मूंजखेड़ा के चारों ओर भरा बाढ़ के पानी का ड्रोन कैमरा से लिया गया फोटो।
विज्ञापन
कासगंज। जिले में उफनाई गंगा की धारा अभी थमने का नाम नहीं ले रही। बैराजों से पानी का प्रवाह कम होने के बावजूद कछला गंगा ब्रिज पर गंगा का जलस्तर अभी भी हाईफ्लड से ऊपर चल रहा है। बीते 24 घंटे में जलस्तर में 8 सेंटीमीटर की गिरावट आई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की दुश्वारियां लगातार बरकरार हैं। इन क्षेत्रों में पानी जहां-तहां भरा हुआ है। इससे लोग परेशान हैं। वे बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग कई दिन से अपने-अपने गांव में ही फंसे हुए हैं। साथ ही मवेशियों के लिए चारे सहित अन्य व्यवस्थाएं नहीं होने से उनकी दिक्कत और बढ़ रही है। गंगा में हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज और बिजनौर के मध्यगंगा बैराज और नरौरा के चौधरी चरण सिंह बैराज से प्रवाह में कमी आई है। सिंचाई विभाग के द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बुधवार सुबह गंगा का जलस्तर कछला ब्रिज पर 162.96 मीटर के निशान पर था जो मंगलवार के मुकाबले 6 सेंटीमीटर कम हो गया। गंगा का यह जलस्तर हाईफ्लड से 5 सेंटीमीटर ऊपर था। बृहस्पतिवार से गंगा के जलस्तर में और कमी आने की उम्मीद है, लेकिन जो गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। वहां से बाढ़ के पानी की निकासी फिलहाल संभव नहीं होने के कारण लगातार लोग घरों में फंसे हुए हैं। बहुत से लोगों ने छतों पर आसरा ले रखा है तो वहीं तमाम ग्रामीण सुरक्षित ऊंचाई के स्थानों की ओर जा पहुंचे हैं। पटियाली तहसील क्षेत्र के गांव सर्वाधिक प्रभावित हैं। इन गांव में पटियाली इलाके के मूंजखेड़ा, नगला हंसी, नगला जयकिशन, राजेपुर कुर्रा, नगला तरसी, नगला खंदारी, नेथरा, इंद्राजसनपुर, मेहोला, नवाबगंज नगरिया, टिकुरी गठौरा, कुसौल, जिझोल, पनसोती, अलीपुर भकुरी, रिकहरा, गठैरा, निरदौली पुख्ता आदि गांव शामिल हैं। वहीं सहावर के अजीतनगर, उलाई, रफातपुर, सहवाजपुर, बमनपुरा, चकरा, नगला ढाव, नगला चोखे भी बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित गांव में ग्रामीणों का जनजीवन अस्त व्यस्त है। महिलाएं, बच्चे भी परेशान हैं। रोजमर्रा के कामकाज भी नहीं निपट पा रहे। बच्चे घरों में कैद होकर रह गए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई कई फुट पानी भरा हुआ है जिससे फसलों के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। किसान फसलों को लेकर चिंतित हैं कि आखिर कैसे फसलों की क्षति की भरपाई होगी। वहीं, पानी भरा होने के कारण मवेशियों की चिंता भी उनके लिए परेशानी का सबब बन गई है। सूखे और सुरक्षित स्थानों का अभाव के अलावा उनके लिए चारे की व्यवस्था करना भी उनके लिए फिलहाल मुश्किल साबित हो रहा है। इस बीच जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सपा के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं वरिष्ठ ने अब्दुल हफीज गांधी बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। वह गांव में नाव के सहारे पहुंचे और 15 से अधिक गांव के किसानों से मिलकर उनकी परेशानी साझा की। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने मोटरबोट लगाई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से आपदा प्रभावित लोगों को अधिक से अधिक मदद दी जाए। सोरोंजी विकासखंड के बाढ़ से प्रभावित गांवों में एक हफ्ते बाद भी राहत के आसार नजर नहीं आ रहे । लहरा में गंगा का बढ़ा पानी अभी सड़क तक है। सड़क के दोनों ओर निचले इलाके पानी से लबालब भरे हैं। गांवों में गंगा का घुसा पानी परेशानी का सबब बन गया है। निचले स्थानों पर स्थित घरों में पानी भरा हुआ है, इन घरों के निवासी दूसरे सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हुए है। वहीं स्कूलों में पानी भर जाने से शिक्षण कार्य भी ठप है।
विज्ञापन

डीएम ने बाढ़ से क्षति के आकलन को गठित की टीमें : डीएम प्रणय सिंह ने बताया कि गंगा के जलस्तर में कमी आने लगी है और यह कमी निरंतर जारी रहेगी। जैसे ही बाढ़ का पानी उतर जाएगा प्रशासन के द्वारा गठित की जा रहीं टीमें सोमवार से क्षति का आकलन करेंगी। इस संबंध में सभी तहसीलों को दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। प्रशासन बाढ़ आपदा को लेकर पूरी तरह से सतर्क है। स्वास्थ्य विभाग एवं पशु चिकित्सा विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचकर बीमार पशुओं व बीमार ग्रामीणों का इलाज कर रही हैं। प्रशासन के द्वारा राहत सामग्री के पैकेट भी वितरित किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें