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फिरोजाबादः गंगाजल पर छाए संकट के बादल, यह है प्रमुख कारण

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रेपुरा रोड स्थित बंद पडा सती आश्रम नलकूप - फोटो : FIROZABAD
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नरौरा बांध से सप्लाई रुकने के बाद निचली गंग नहर का जलस्तर बुधवार को नौ हजार क्यूसेक कम हो गया। नहर में मात्र एक हजार क्यूसेक पानी बचा है। जो तीन चार दिन में सूख जाएगा। इसके बाद शहर को मिलने वाले गंगाजल पर संकट के बादल छा जाएंगे। इसको लेकर जलकल विभाग के अधिकारियों ने तैयारियां शुुरू कर दी हैं।
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नरौरा बांध से निचली गंग नहर (झालगोपालपुर) 10 हजार क्यूसेक पानी पर चलती है। नहरों की सफाई के लिए गत दिवस नरौरा बांध से पानी की सप्लाई बंद किए जाने के बाद निचली गंग नहर में मात्र एक हजार क्यूसेक पानी ही बचा है। जो तीन-चार दिन में पूरी तरह से सूख जाएगा। पानी सूखते ही शहर में पेयजल व्यवस्था का संकट खड़ा हो जाएगा। इसको लेकर जलकल विभाग के अधिकारियों की नींद गायब है। क्योंकि आने वाले दिनों में निचली गंग नहर का पानी सूखते ही शहर में पानी का संकट शुरू हो जाएगा। इसके लिए जलकल विभाग के अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी है। बुधवार को मौसम खराब होने के बाद भी जलकल विभाग की टीमें खराब नलकूपों को ठीक करने दौड़ती नजर आई।
वहीं कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि यदि आवश्यकता पड़ी तो रात को भी पानी की सप्लाई सीमित संसाधनों से शहर वासियों को दी जाए। इसके लिए जलकल विभाग के अधिकारी नलकूपों के साथ सबमर्सिबल को ठीक कराने में जुटे हैं। ताकि जल संकट न गहराए।
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निचली गंगा नहर से 50 क्यूसेक पानी शहर को दिया जाता है जबकि 150 क्यूसेक पानी सिंचाई में प्रयोग होता है। 50 क्यूसेक पानी जेडाझाल परियोजना के माध्यम से घर-घर पहुंचता है। यदि यह पानी मिलना बंद हुआ तो शहर में पानी का संकट शुरू हो जाएगा।
जलकल विभाग की शहर में 27 टंकियां हैं। इसमें में से लालपुर, दीदामई, नगला पचिया, गढ़ी छत्रपति, पचवान और दबरई की टंकियों को जलकल विभाग नलकूपों के माध्यम से भरता है। जबकि शेष 20 टंकियों को जेडाझाल परियोजना से मिलने वाली पानी से भरी जाती है।
सिंचाई विभाग द्वारा अभी तक इस संबंध में न तो कोई जानकारी दी गई है और न ही कोई पत्र दिया गया है। मामला संज्ञान में आया है। सिंचाई विभाग को पत्र लिखकर मामले की जानकारी की जाएगी।
- राकेश कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम

नरौरा बांध से पानी की सप्लाई बंद होने से निचली गंग नहर में लगभग एक क्यूसेक पानी बचा है। जो तीन चार दिन में सूख जाएगा। जसराना नवीन नहर को पानी देने के लिए उच्चाधिकारियों से बात की जा रही है। लेकिन अभी तक कोई जबाव नहीं आया है।- अनवर अली, एई सिंचाई विभाग

जल निगम द्वारा अभी तक इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है। जलकल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए गए है। लगभग 250 नलकूपों और समरर्सिबलों से पानी की सप्लाई दी जाएगी। - विजय कुमार नगर आयुक्त

 

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