कासगंज। गंगा के जलस्तर में लगातार उतार चढ़ाव का क्रम चल रहा है। पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद फिर से गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। 24 घंटे में 20 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ा है। हालांकि गंगा खतरे के निशान से 1.85 मीटर नीचे है। ऐसी स्थिति में बाढ़ की कोई आशंका नहीं है, लेकिन उतार-चढ़ाव से कटान को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी हुई है। 5 दिन पूर्व भी गंगा के जलस्तर में कमी के दौरान नेथरा के बांध में कटान हुआ था।बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी है। हरिद्वार बैराज से बृहस्पतिवार के मुकाबले शुक्रवार को 5 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं बिजनौर से 10 हजार क्यूसेक और नरौरा से करीब 55 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसका असर अभी एक-दो दिन और लगातार जारी रहेगा। जिससे गंगा के जलस्तर में और वृद्धि भी होगी। इसको लेकर सिंचाई विभाग सतर्क है और लगातार निगरानी की जा रही है। सिंचाई विभाग का जोर बांधों की स्थिति को लेकर है। उतार-चढ़ाव के बीच कच्चे बांधों में कटान और रिसाव होता है जिससे दिक्कतें होती हैं। दतलाना के हरिओम मिश्रा ने बताया कि इस बार बाढ़ की कोई आपदा नहीं है, केवल पानी घट-बढ़ रहा है। यदि और अधिक पानी आया तो दिक्कत हो सकती है। अभी बारिश का सिलसिला जारी है।
बैराजों से पानी का डिस्चार्ज-
- हरिद्वार- 111295 क्यूसेक।
- बिजनौर- 92831 क्यूसेक।
- नरौरा- 115180 क्यूसेक।
- कछला ब्रिज- 163.35 मीटर के निशान पर।
वर्जन-
- बैराजों से पानी छोड़े जाने से गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। अभी और पानी में वृद्धि होगी, लेकिन बाढ़ की स्थिति नहीं है। सिंचाई विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। कच्चे बांधों पर सतर्कता बढ़ाई गई है
- शेर सिंह,
अधिशासी अभियंता, सिंचाई।