कासगंज। पिछले माह से बाढ़ की विभीषिका का सामना कर रहे गंगा के तटवर्ती इलाके के लोगों को अभी राहत नहीं मिल पाई है। अब गंगा का पानी उतार पर है। धारा तेज कटान करने लगी है। किलौनी गांव में कई किसानों की भूमि कटान में जा चुकी है। किसानों ने सिंचाई विभाग से कटान की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
जिला गंगा की बाढ़ व कटान के लिए बेहद संवेदनशील है। अगस्त माह से जिले में बाढ़ ने दस्तक दी थी। समस्या अभी भी बरकरार है। बरबारा गंगापुल के समीप नगला दल और डेलासराय इलाके में गंगा किनारे के खेतों में धारा पुल से करीब सौ मीटर दूर कटान कर रही है। कई ग्रामीणों के खेताें की भूमि कटान में समा चुकी है। अब गंगा की धारा ने किलौनी गांव में कटान तेज कर दिया है। अब तक गांव के लोगों की करीब सौ बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है। भू स्वामी निशार, जावेद, भूरी, रफीक, निजाम, शिवपाल, प्रेमपाल की भूमि पर गंगा की धारा ने काफी कटान किया है। कटान तेज होने से किसान परेशान हैं। निजाम, रफीक, शिवपाल का कहना है कि प्रशासन को तत्काल कटान रोकने की व्यवस्था करनी चाहिए।
अब गंगा के जलस्तर में आएगी और कमी
गंगा का जलस्तर रविवार को स्थिर नजर आया। बैराजों का प्रवाह लगातार तेजी से घट रहा है। हरिद्वार, बिजनौर व नरौरा बैराजों से लगातार प्रवाह में कमी आ रही है। ऐसी स्थिति में अब गंगा के जलस्तर में और कमी आएगी। इससे बाढ़ प्रभावित इलाकों को राहत मिलेगी।
बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से : 69140 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से : 45500 क्यूसेक
नरौरा बैराज से : 134584 क्यूसेक
- गंगा के प्रवाह में तेजी से कमी आ रही है। अब जलस्तर और कम होगा। जहां से कटान की सूचना मिल रही, वहां स्थिति का आकलन कराया जा रहा है। संदीप जैन, सहायक अभियंता, सिंचाई