कासगंज। पहाड़ों पर बारिश होने के बाद गंगा का जल स्तर बढ़ने लगा। सिंचाई विभाग ने गंगा नदी की निगरानी बढ़ा दी। सिंचाई विभाग जिला प्रशासन को रिपोर्ट देने के साथ साथ प्रतिदिन रेलवे के अफसरों को भी जल स्तर की रिपोर्ट भेजेगा। चूंकि कछला गंगा नदी पर रेल पुल स्थिति है।
वर्ष 2011 में जब गंगा नदी में बाढ़ आई कि जमकर तबाही हुई। रेलवे ट्रैक इतना कमजोर हो गया कि कासगंज से बरेली जा रही ट्रेन का इंजन बाढ़ के पानी में गिर गया। इस बढ़ी घटना के बाद रेलवे के एवं सिंचाई विभाग के अफसरों पर कार्रवाई हुई। तब से शासन ने सिंचाई विभाग को निर्देशित कर दिया है कि गंगा के जलस्तर बढ़ने पर प्रतिदिन रिपोर्ट रेलवे के अफसरों को दी जाए। अब जब जल स्तर घट बढ़ रहा है तो सिंचाई विभाग ने रेलवे के अफसरों को रिपोर्ट देना शुरू कर दिया है। सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता अरुण कुमार ने रेलवे को जलस्तर की प्रतिदिन रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी सहायक अभियंता और अवर अभियंता को सौंपी है। निर्देश दिए हैं कि इस काम में कहीं कोई ढिलाई न होने पाए। सिंचाई विभाग प्रतिदिन जिला प्रशासन और रेलवे को प्रतिदिन अपनी रिपोर्ट दे रहा है। सोमवार को पानी का स्तर और भी घट गया है।
जल स्तर पर नजर -
13219 क्यूसेक पानी हरिद्वार से छोड़ा
16002 क्यूसेक पानी बिजनोर से छोड़ा
5520 क्यूसेक पानी नरौरा से छोड़ा
162.15 मीटर से घटकर 161.71 मीटर पर पहुंचा कछला पुल पर पानी का स्तर
सिंचाई विभाग प्रतिदिन रेलवे को रिपोर्ट दे रहा है। निरंतर पत्राचार जारी है। गंगा में फिलहाल बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। - अरूण कुमार, अधिशाषी अभियंता सिंचाई विभाग।