आगरा। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किमी. लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का बुधवार आज को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकार्पण करेंगे। इस एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से उन्नाव के बांगरमऊ में जोड़ा गया है। इंटरचेंज के जरिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से गंगा एक्सप्रेसवे पर पहुंचा जा सकता है, जहां से लोग आसानी से आ जा सकते हैं। शहर के उद्यमियों के मुताबिक गंगा एक्सप्रेसवे बनने से प्रयागराज तक आवाजाही आसान हो जाएगी, जिससे पर्यटन तो बढ़ेगा ही, जूता, हस्तशिल्प और पेठा आदि उत्पादों को पहुंचाना सुविधाजनक हो जाएगा। इससे आगरा के उद्योगों को ऊंची उड़ान मिलेगी।
टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा के अध्यक्ष अमूल्य कक्कड़ ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से आगरा और मथुरा की कनेक्टिविटी और भी मजबूत हो जाएगी। इससे लोगों का नाइट स्टे बढ़ेगा, वहीं होटल व्यवसायियों, परिवहन सेक्टर, टूरिस्ट गाइडों और स्थानीय दुकानदारों को लाभ मिलेगा। उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग के मुताबिक एक्सप्रेसवे के कारण माल ढुलाई का समय और लागत दोनों कम होंगे। इससे ब्रज का प्रसिद्ध पेड़ा, आगरा के पेठा उद्योग के साथ-साथ यहां के खूबसूरत हस्तशिल्प और मार्बल उत्पादों को देश के कोने-कोने तक पहुंचने के लिए नए मार्ग मिलेंगे।
माल के परिवहन में बचेगा समय
फुटवियर और चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन पूरन डावर के मुताबिक आगरा अपने लेदर और फुटवियर को गंगा एक्सप्रेस-वे से पूर्वी उत्तर प्रदेश तक आसानी से पहुंचा सकेगा। कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार माल को देश के अन्य हिस्सों या बंदरगाहों तक पहुंचाने में बहुत आसानी होगी। माल की तेज डिलीवरी से ग्लोबल मार्केट में हमारे उद्योग की साख और भी ज्यादा मजबूत होगी।