आगरा में गणपति बप्पा को घर-घर में लाने और गणेश उत्सव मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार दो सितंबर सोमवार को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। अगर आप भी अपने घर में गणेश जी को विराजित करना चाहते हैं तो गणपति स्थापना, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि जरूर जान लें।
ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय के अनुसार पीले वस्त्र पर चावल का स्वास्तिक बनाकर उस पर भगवान श्रीगणेश जी को स्थापित करें। फिर पंचोपचार व षोड्षाचार पूजन करें। भगवान गणेश जी को विशेष रूप से हरी दुर्वा चढ़ायें, घी का दीपक जलाए। मोदक पंच मेवा, पांच फलों का भाग लगाए। नारियल, तांबुल व कमल गट्टे, सुपारी व लांग इलायची आदि चढ़ाए।
गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त
सुबह - 06.22 से 07.30 बजे तक
सुबह - 09.00 से 10.30 बजे तक
दोपहर - 03.50 से 05.00 बजे तक
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इस दिन चांद को न देखें
भागवताचार्य चैतन्य हरि चरत जी महाराज के अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन चांद का दीदार करने पर कलंक लगता है। गणेश जी की व्रत कथा में वर्णन है कि गणेश जी एकबार घूमते फिरते चंद्रलोक जा पहुंचे। गणेश का स्वरूप देख चंद्रमा हंस पड़े। उन्होंने क्रोध में आकर कहा कि चंद्रमा आज के दिन (शुक्ल चतुर्थी) कोई तुम्हारा मुंह नहीं देखेगा। जो देख लेगा उसे झूठा कलंक लगेगा।
अन्य देवताओं और स्वयं चंद्रमा के क्षमा याचना पर गणेश जी ने कहा कि इस वरदान के अतिरिक्त वो दूसरा वर दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि शुक्ल पक्ष के द्वितीया के दिन जो व्यक्ति प्रति मास चंद्रमा का दर्शन करता रहेगा, उसे भादों सुदी चौथ के दर्शन से विविध कष्ट नहीं भोगना होगा।
चार सौ वर्ष पुराने मंदिर में निकाली जाएगी शोभायात्रा
शहर के गोकुलपुरा स्थित चार सौ वर्ष पुराने भगवान गणेश के श्री सिद्घी विनायक गणेश मंदिर के महंत पंडित ज्ञानेश शास्त्री के अनुसार दो सितंबर को शाम साढ़े सात बजे मंदिर से शोभायात्रा निकाली जाएगी।
यह शोभायात्रा हरकेश्वर मंदिर, बल्का बस्ती, गोकुलपुरा सब्जी मंडी, राजामंडी होते हुए मंदिर पर पहुंचकर समापन होगा। इसके बाद 10 दिन तक यहां धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। विधिविधान से पूजा अर्चना होगी।