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UP: मुआवजे में खेल...2600 प्रति हेक्टेयर की जमीन पर 1200 रुपये के रेट,  88 करोड़ का सीधा नुकसान

Fri, 18 Jul 2025 10:13 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

भूमि अधिग्रहण के बाद किसानों को जो मुआवजा दिया गया, उसमें भी बड़ा खेल सामने आया है। किसानों ने दोहरा मापदंड पर मुआवजा वितरण करने के मामले में सीएम योगी से शिकायत की है।

 
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आगरा जिलाधिकारी बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के रहनकला में अधिगृहीत भूमि के मुआवजा निर्धारण में दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। सड़क किनारे भूमि का सर्किल रेट 2600 रुपये प्रति हेक्टेयर होने के बाद भी किसानों को सड़क से दूर भूमि के सर्किल रेट 1200 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है। इस पर किसानों ने फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
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मुआवजा निर्धारण में गड़बड़ी से रहनकला में प्रभावित किसानों को करीब 73.03 करोड़ और रायपुर में 15.95 करोड़ का नुकसान हुआ है। सड़क किनारे दोनों गांव में करीब 77 हेक्टेयर भूमि विभिन्न गाटा नंबरों में दर्ज है। दोनों गांव में करीब 88.98 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा दिलाने के लिए प्रभावित किसानों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज गुहार लगाई है। सर्किल रेट से चार गुना मुआवजे का प्रावधान है। प्रभावित किसान विकास दीक्षित ने बताया कि जिला प्रशासन और एडीए अधिकारी इस फर्जीवाड़े पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं। इनर रिंग रोड स्थित रहनकलां और रायपुर में 442 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण एडीए ने 2009-10 में किया था।

 

15 साल तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला। भूमि राजस्व अभिलेखों में एडीए के नाम दर्ज हो गई थी, लेकिन मौके पर बिना मुआवजा किसानों ने एडीए को कब्जा नहीं लेने दिया। जमीन वापसी के लिए किसानों ने इनर रिंग रोड जाम कर तीन दिन धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद महाकुंभ में आयोजित कैबिनेट बैठक में निर्णय हुआ कि एडीए किसानों को जमीन नहीं, मुआवजा देगा। प्रभावित किसानों को 484 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। 242 करोड़ का मुआवजा दिया जा चुका है। ऐसे में किसानों ने 88.98 करोड़ रुपये कम मुआवजा मिलने की शिकायत दर्ज कराई है।



 
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15 साल पहले हुआ था सर्वे
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि भूमि अधिग्रहण का सर्वे 2010 में हुआ था। लिंक मार्ग के कुछ गाटा उसमें छूट गए। किसानों की शिकायत आई है। उनसे समक्ष स्तर से अनुतोष लेने के लिए कहा है। किसानों के प्रति सहानुभूति है।
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