मैनपुरी। नवीन मंडी में मिलर्स द्वारा गेहूं की खरीद नहीं की जा रही है। इसके चलते मंडी में एक महीने से खरीद ठप है। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए अब मंडी परिषद ने मिल में गेहूं के स्टॉक जांचने के आदेश दिए हैं। जांच में इस बात पर विशेष जो रहेगा कि कहीं मिलर्स सीधी गेहूं की खरीद तो नहीं कर रहे हैं।
जिले की नवीन मंडी में रोजाना करीब तीन हजार किसान यहां बिक्री के लिए पहुंचते हैं। इस बार प्रशासन ने समर्थन मूल्य पर ही गेहूं क्रय करने का आदेश आढ़ती और मिलर्स को दिया है। आदेश के बाद मिलर्स ने खरीद ही बंद कर दी। वे अपनी मनमानी कीमतों पर गेहूं खरीदना चाहते हैं। ऐसे में बीते एक माह से मंडी में गेहूं की बिक्री नहीं हो रही है। लाख कोशिशों के बाद भी जब खरीद शुरू नहीं हुई तो उप निदेशक मंडी परिषद आगरा ने जिले की सभी मिलों में जांच करने के आदेश मंडी सचिव को दिए हैं। राजस्व विभाग की टीम के साथ मंडी सचिव मिलों में गेहूं का स्टॉक जांचेंगे। इससे ये पता चल सकेगा कि कहीं मिलर्स गेहूं की सीधी खरीद तो नहीं कर रहे हैं। आदेश आने के बाद मिलर्स में भी खलबली मच गई है। सोमवार से ये जांच शुरू हो जाएगी।
मैनपुरी मंडी में हावी हैं मिलर्स
चाहे गेहूं हो या धान हर बार नवीन मंडी में फसलों की खरीद में मिलर्स की मनमानी चलती है। धान की फसल में जहां एक प्रतिशत कटौती कर भुगतान किया जाता है तो गेहूं मनमानी कीमतों पर खरीदा जाता है। पहले भी प्रशासन द्वारा एक प्रतिशत कटौती बंद किए जाने के आदेश पर मिलर्स खरीद बंद कर चुके हैं। इससे साफ है कि कहीं न कहीं मंडी में मिलर्स का बोलबाला है।
नवीन मंडी में सभी को समर्थन मूल्य पर गेहूं क्रय करने के आदेश दिए गए हैं। इस पर मिलर्स खरीद नहीं कर रहे हैं। इसी के चलते मिलों का स्टॉक जांच कर रिपोर्ट देने के लिए मंडी सचिव को आदेशित किया गया है।
मूलचंद गंगवार, उप निदेशक मंडी परिषद आगरा।