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फिर शुरू हुई नवीन मंडी में मनमानी कीमत पर गेहूं की खरीद

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06एमएनपी-12-नवीन मंडी में गेहूं की तौल करते पल्लेदार - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। एक माह पहले नवीन मंडी बंद हुई गेहूं की खरीद एक बार फिर शुरू हो गई है। इस बार भी जिला प्रशासन के आदेश को हवा में उड़ा दिया गया। मंडी में मनमानी कीमतों पर किसानों के गेहूं की खरीदारी की जा रही है। प्रशासन भी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। लॉकडाउन के चलते एक अप्रैल को सरकारी क्रय केंद्र शुरू नहीं हुए थे। इसके चलते नवीन मंडी में मनमानी कीमतों पर किसानों के गेहूं की खरीद की जा रही थी। इसे अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेकर जिला प्रशासन ने समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विंटल पर ही गेहूं की खरीद करने के आदेश दिए थे। इस कीमत पर मंडी में खरीद तो नहीं हुई, बल्कि मंडी में खरीद ही बंद कर दी गई। इसके बाद पूरे महीने नवीन मंडी बंद रही। अब एक बार फिर यहां गेहूं की खरीद शुरू हो गई। प्रशासन के आदेश के बाद भी यहां 1770 रुपये प्रति क्विंटल में ही गेहूं की खरीद की जा रही है। मजबूरन किसानों को इसी कीमत पर अपना गेहूं बेचना पड़ रहा है।
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किसानों के सामने हमेशा से ही संकट रहा है। हर बार समर्थन मूल्य पर खरीद का आदेश होता है। आढ़ती तो अपनी मनमानी कीमतों पर ही खरीद करते हैं।
जयचंद सिंह।
हर बार की तरह प्रशासन ने इस बार भी केवल एक आदेश जारी कर पल्ला झाड़ लिया। अगर प्रशासन चाहे तो किसानों का गेहूं समर्थन मूल्य पर ही बिकेगा।
रामचंद्र।
आगे की फसलों की बुवाई के लिए किसानों को रुपयों की जरूरत है। नकद भुगतान न होने से मजबूरन किसान कम कीमत पर मंडी में गेहूं की बिक्री कर रहे हैं।
शेरसिंह।
किसी भी सरकार या प्रशासन ने किसानों की हालत सुधारने के लिए ध्यान नहीं दिया। केवल कागजों में ही नए आदेश आते रहते हैं, इनसे कोई फायदा होने वाला नहीं है।
सुघर सिंह।
किसान करें शिकायत
सभी आढ़तियों को समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद के आदेश दिए गए हैं। अगर किसी किसान का गेहूं सस्ता खरीदा जा रहा है तो किसान मुझे बताएं। ताकि आढ़ती पर कार्रवाई हो सके और किसान को उचित मूल्य मिल सके।
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प्रदीप कुमार, मंडी सचिव।
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