फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

युगांडा में मारे गए गगन के घर कोहराम

Thu, 05 Feb 2015 02:05 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
युगांडा देश में चल रहे नस्लवादी हिंसा में आगरा के लाल गगन पंजाबी की हत्या कर दी गई। गगन के घर में कोहराम मचा हुआ है। परिवारीजनों के आंसू थम रहे नहीं हैं। चंद रोज पहले वह मां का जन्मदिन मनाकर लौटे थे। बेटे की मौत से मां नीता सदमे में हैं। पत्नी दीप्ति का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन

दहतोरा रोड स्थित अंसल कोर्टयार्ड निवासी गगन पंजाबी विगत दो साल से संयुक्त राष्ट्र में मोव कोन असिस्टेंट के पद पर कार्यरत थे। इन दिनों उनकी तैनाती युगांडा के कोंगो शहर में थी। 31 जनवरी को वह बार्डर के निकट अरू के एक रेस्टोरेंट में रात 12 बजे एनजीओ हेड की बर्थ-डे पार्टी मना रहे थे। इसी दौरान अज्ञात बंदूकधारियों ने अंधाधुंध फायरिंग की। इसमें 14 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों मेें गगन पंजाबी अकेले भारतीय थे। उनकी मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। घर में रिश्तेदारों का तांता लगा है। मां नीता सदमे में हैं। परिवारीजनों ने बताया कि गगन 10 जनवरी को आगरा आए थे। खासतौर पर उन्होंने 11 जनवरी को मां नीता के बर्थडे के लिए छुट्टी ली थी। बर्थ डे पर दोनों भाइयों ने पार्टी भी की। इसके बाद 18 जनवरी को भतीजे तनिष्क का जन्मदिन था। भतीजे को पल्सर बाइक गिफ्ट में दी। 25 जनवरी को गगन वापस लौट गए। अब उनकी मौत की खबर मिली है।
आज पार्थिव शरीर आने की उम्मीद
भाई राकेश ने बताया कि बुधवार को गगन के शव का पोस्टमार्टम किया गया है। तीन गोलियां मारी गई थीं। पार्थिव शरीर फ्लाइट से दिल्ली लाया जाएगा। फिर आगरा लाएंगे। गुरुवार तक आने की उम्मीद है। दूतावास के अधिकारी लगातार परिवार के लोगों के संपर्क में हैं।
विज्ञापन

दो साल का बेटा सोहम
गगन की शादी जोधपुर की दीप्ति से चार दिसंबर 2011 को हुई थी। उनका दो साल का बेटा सोहम है। घर में लोगों का आना-जाना लगा है। सोहम का मासूम चेहरा परिवारीजनाें के आंसुआें को थमने नहीं दे रहा। इस मासूम को ठीक से पिता की गोद तक नसीब न हुई। वह कभी ताऊ राकेश की गोद में खेलने लगता है तो कभी बुआ प्रिया के पास चला जाता है।
सबसे छोटे, सबसे बड़ी जिम्मेदारी
बहन प्रिया ने बताया कि गगन तीन भाई-बहन में सबसे छोटे थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद ही वह घर की जिम्मेदारी को समझने लगे थे। इसलिए कई कंपनी में इंटरव्यू दिया। उनका सलेक्शन भी विदेश में हो गया। 12 साल से विदेश में हैं। वह परिवार के हर व्यक्ति को प्यार करते थे। दूसरे की मदद के लिए भी आगे आते थे। प्रिया ने कहा कि मेरा भाई हीरा था।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें